Karwa Chauth 2026: क्या एक घूंट पानी से टूट जाएगा गर्भवती महिलाओं का व्रत, ज्योतिषी ने दी खास सलाह
करवा चौथ पर गर्भवती महिलाओं के व्रत के नियमों में बदलाव होता है। ज्योतिषी पूजा आहूजा के अनुसार, वे पानी, ...और पढ़ें
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करवा चौथ पर गर्भवती महिलाओं के लिए व्रत के नियम (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
गर्भवती महिलाएं व्रत में पानी और अन्य तरल पदार्थ ले सकती हैं।
मां और गर्भस्थ शिशु का स्वास्थ्य सर्वोपरि रखना चाहिए।
पूजा के दौरान कुर्सी पर बैठकर आराम से व्रत करें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। करवा चौथ का (Karwa Chauth 2026) पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए एक प्रमुख पर्व माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलती हैं। इस व्रत के दौरान कठिन नियमों का पालन करना पड़ता है, लेकिन जब बात गर्भवती महिलाओं की आती है, तो व्रत के नियम बदल जाते हैं।
गर्भावस्था एक बेहद संवेदनशील दौर होता है, जहां मां और गर्भ में पल रहे शिशु, दोनों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यधिक आवश्यक होता है। ऐसे में महिलाओं के मन में यह सवाल जरूर आता है कि क्या गर्भावस्था के दौरान करवा चौथ व्रत (Karwa Chauth in Pregnancy)में वे पानी पी सकती हैं या नहीं। तो आइए, इस आर्टिकल में एस्ट्रोपत्री की ज्योतिषी पूजा आहूजा के अनुसार जानते हैं गर्भवती महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत और जल सेवन के नियमों के बारे में।
ज्योतिषी पूजा आहूजा बताती हैं कि गर्भावस्था के दौरान करवा चौथ का व्रत रखते समय स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखना चाहिए। आइए जानते हैं इस विषय से जुड़ी मुख्य बातें:
गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश
जल ग्रहण करना: गर्भवती महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखते समय पानी पी सकती हैं।
चिकित्सकीय दृष्टिकोण: चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था की अवस्था में बिना पानी के व्रत रखना माता और होने वाले शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
आहार और पेय पदार्थ: व्रत के दौरान समय-समय पर पानी, दूध, नारियल पानी और ताजे फलों का सेवन करते रहना चाहिए।
विशेष सावधानी: व्रत रखने से पूर्व अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। यदि किसी भी समय कमजोरी या चक्कर आने जैसी स्थिति महसूस हो, तो तुरंत अपना व्रत खोल देना चाहिए।
इन बातों का रखने ध्यान
करवा चौथ की पूजा के दौरान अगर गर्भवती महिलाओं को जमीन पर बैठने में परेशानी हो रही है, तो कुर्सी पर आराम से बैठकर पूजा संपन्न करें। कुर्सी पर बैठकर करवा माता की पूजा-अर्चना करें और व्रत कथा का पाठ करें।
गर्भवती महिलाओं को सरगी में ऐसे खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए, जो व्रत के दौरान ऊर्जा दें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। सरगी में तली-भुनी और मसालेदार चीजों को शामिल नहीं करना चाहिए।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
