रक्षाबंधन पर राखी टूट जाए तो घबराएं नहीं, जानें क्या कहते हैं नियम और कैसे करें इसका विसर्जन?
रक्षाबंधन पर राखी का टूटना कई बार अशुभ माना जाता है, लेकिन यह हमेशा सच नहीं होता और इसे नकारात्मक ऊर्जा का नाश भी माना जा सकता है।
-1787747890530_m.webp)
रक्षाबंधन पर राखी का टूटना शुभ या अशुभ (Picture Credits- AI Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। रक्षाबंधन पर भाई को बांधी जाने वाली राखी सिर्फ प्यार और आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि इसे एक रक्षा-सूत्र के रूप में बांधा जाता है। ऐसे में राखी टूटने को लेकर कई तरह की धार्मिक और लोक मान्यताएं प्रचलित हैं।
कुछ परंपराओं में इसे लोग अशुभ संकेत मानते हैं, जबकि कुछ परंपराओं में इसे एक सामान्य क्रिया के तौर पर देखा जाता है। इसी तरह से रक्षाबंधन के बाद पुरानी राखी को कब तक पहननी चाहिए और कैसे उतारनी चाहिए। इसे लेकर भी कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं।
राखी टूटना शुभ या अशुभ
हिंदू धर्म में राखी को भाई की रक्षा और बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से कुछ लोग रक्षाबंधन के दिन राखी टूट जाने को लेकर काफी चिंतित नजर आते हैं। रक्षा बंधन के मौके पर भले ही राखी को रक्षा सूत्र की तरह बांधा जाता हो, लेकिन अगर यह टूट जाए तो इसे अशुभ मानना गलत है।
राखी टूटने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। राखी की बनावट या सजावट कुछ ऐसी हो जो राखी के धागे को कमजोर बनाने का काम करें या फिर रोजाना के काम या फिर कपड़े में फंसकर राखी भी टूट सकती है।
रक्षाबंधन का उत्सव खासतौर पर भाई-बहन की भावनाओं और आपसी प्रेम पर केंद्रित होता है। ऐसे में राखी का धागा टूटना प्रेम में कमी या अशुभ नहीं होता है। कुछ स्थानों पर तो राखी का धागा टूटना अशुभ नहीं माना जाता है, बल्कि ऐसा होने के पीछे उनका विश्वास होता है कि, राखी टूटना नेगेटिव एनर्जी को नाश करता है। कुछ स्थानों पर तो ऐसा भी माना जाता है कि राखी का टूटना किसी संकट या नकारात्मक प्रभाव का टल जाना है।
अगर भाई की कलाई पर राखी बांधने के कुछ समय बाद राखी टूट जाए तो बहनें घबराएं नहीं, बल्कि फिर से दूसरी राखी या रक्षा सूत्र भाई की कलाई पर बांध सकते हैं। दूसरी बार राखी बांधते समय भगवान को मन ही मन याद करते हुए भाई के सेहत, सुख और सुरक्षा की कामना करनी चाहिए।

टूटी हुई राखी का क्या करें?
अगर किसी कारण से राखी टूट जाए तो उस टूटी हुई राखी को इधर-उधर फेंकने के बजाय सम्मानपूर्वक धार्मिक परंपरा का पालन करते हुए टूटी हुई राखी का विसर्जन करें। इसके अलावा पुरानी राखी को तुलसी के पौधे को अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
अगर राखी में कागज, प्लास्टिक, धातु या किसी भी तरह की सामग्री लगी हो तो उसे बहते हुए पानी में प्रवाहित कर दें। हालांकि कुछ परिवारों में पुरानी राखी को भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की याद और सम्मान के रूप में संभालकर रखते हैं।
यह भी पढ़ें- भगवान विष्णु कैसे बने माता पार्वती के भाई? शिव महापुराण के इस प्रसंग के बारे में जरूर पढ़ें
यह भी पढ़ें- क्या इस बार भी रक्षाबंधन पर रहेगा भद्रा का साया? कब राखी बांध सकेंगी बहनें? ये है शुभ मुहूर्त
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
