विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

शारदीय नवरात्र में राशि के अनुसार करें माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की साधना, तुरंत दिखेगा चमत्कार

Published: Mon, 05 Oct 2026 08:00 PM (IST)

शारदीय नवरात्र में राशि के अनुसार माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है और समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है।

शारदीय नवरात्र में अपनी राशि के अनुसार करें माता दुर्गा की साधना (Picture Credit: AI Generated)

शारदीय नवरात्र में अपनी राशि के अनुसार करें माता दुर्गा की साधना (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. शारदीय नवरात्र में राशि अनुसार देवी पूजा विशेष फलदायी होती है।

  2. ज्योतिषी बृज गौतम ने प्रत्येक राशि के लिए स्वरूप बताए हैं।

  3. सही देवी स्वरूप की साधना से कष्टों से मुक्ति मिलती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में सभी नवरात्रियों में से खास मानी जाती है शारदीय नवरात्र। इस पर्व के नौ दिनों में भक्त माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करते हैं और घर की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इस दौरान माता दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व होता है और उनकी साधना से समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है।

माता दुर्गा के नौ अलग स्वरूप अलग-अलग माताओं को दिखाते हैं और उनकी पूजा से अलग तरह के लाभ होते हैं। वहीं अगर व्यक्ति अपनी राशि के अनुसार माता के स्वरूप की पूजा करता है, तो उसे पूजा का कई गुना ज्यादा फल मिलता है। एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी बृज गौतम के अनुसार, वैसे तो शारदीय नवरात्र में लोग माता दुर्गा के सभी स्वरूपों की आराधना कर सकते हैं, लेकिन राशि के अनुसार किसी विशेष स्वरूप की साधना करना अत्यंत शुभ है। आइए यहां जानें इसके बारे में विस्तार से।

मेष राशि

ज्योतिषी बृज गौतम बताते हैं कि मेष राशि के लोगों को नवरात्र में मां दुर्गा के साथ मां कात्यायनी की साधना करनी चाहिए। इनकी पूजा साहस, आत्मविश्वास और ऊर्जा से जुड़े गुणों को मजबूत करने वाली मानी जाती है। इससे आपके जीवन में सौहार्द्र बना रहेगा और पापों से मुक्ति मिलेगी।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के लोग यदि शारदीय नवरात्र में मां महागौरी की उपासना सच्चे मन से करेंगे, तो उन्हें समस्त कष्टों से बाहर आने में मदद मिलेगी। मां महागौरी की साधना से मन को शांति मिलेगी और जीवन में सकारात्मकता बनी रहेगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोग यदि माता के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की आराधना करेंगे, तो उनके लिए विशेष रूप से फलदायी होगा।

कर्क राशि

कर्क राशि के लोगों को माता दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना करनी चाहिए। इससे उनके जीवन में शांति बनी रहेगी और खुशहाली आएगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों को शारदीय नवरात्र में मां कूष्मांडा की पूजा विधि पूर्वक करनी चाहिए। इससे उन्हें शारीरिक ऊर्जा के साथ मानसिक बल भी मिलेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के लोग यदि मां ब्रह्मचारिणी की उपासना सच्चे ह्रदय से करेंगे तो उनके लिए शुभ होगा और उनके सभी रुके हुए काम बनने लगेंगे। माता के इस स्वरूप को धैर्य का प्रतीक माना जाता है।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों को माता के अष्टम स्वरूप मां महागौरी की आराधना करनी चाहिए। इससे उनके जीवन में खुशहाली आएगी और सभी समस्याओं का निवारण होगा।

वृश्चिक राशि

ज्योतिषी बृज गौतम बताते हैं कि वृश्चिक राशि वालों को शारदीय नवरात्र में मां कात्यायनी की उपासना करनी चाहिए, इससे उन्हें किसी भी भय से मुक्ति मिलेगी।

धनु राशि

धनु राशि के लोग अगर मां चंद्रघंटा की आराधना करेंगे, तो उनके जीवन में लंबे समय से रुके हुए कार्य भी पूर्ण होने लगेंगे।

मकर राशि

मकर राशि के लोगों को शारदीय नवरात्र में मां कालरात्रि की पूजा विधि पूर्वक करनी चाहिए। इससे उन्हें किसी भी तरह के भय से मुक्ति मिलेगी।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लोग यदि माता के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा करेंगे, तो उन्हें आध्यात्मिक शुद्धि मिलेगी और जीवन में खुशहाली आएगी।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों को मां चंद्रघंटा की उपासना मन से करनी चाहिए। इससे उन्हें मानसिक शांति के साथ शारीरिक ऊर्जा भी मिलेगी।

अगर आप शारदीय नवरात्र के न दिनों में अपनी राशि का ध्यान करते हुए माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करेंगे, तो विशेष रूप से फलदायी होगा।

यह भी पढ़ें- शारदीय नवरात्र में मुख्य द्वार पर बनाएं ये 4 पवित्र निशान, सालभर पैसों से भरी रहेगी तिजोरी

यह भी पढ़ें- शारदीय नवरात्र में दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय रखें इन नियमों का ध्यान, वरना अधूरा रहेगा फल

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।