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यहूदी धर्म में मौत के बाद शीशे क्यों ढके जाते हैं? जानें 'शिवा' परंपरा का रहस्य

Updated: Wed, 02 Sep 2026 10:07 AM (IST)

यहूदी धर्म में किसी की मृत्यु के बाद 'शिवा' शोक अवधि के दौरान घर के सभी शीशे ढकने की एक ...और पढ़ें

यहूदी धर्म में 'शिवा' परंपरा क्या है?

यहूदी धर्म में 'शिवा' परंपरा क्या है?

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर धर्म में अंतिम संस्कार से जुड़ी परंपरा काफी अनोखी और अलग होती है। इस दौरान कई तरह की रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है। यहूदी धर्म (Judaism) में जब किसी की मौत हो जाती है, तो घर के सभी शीशों (Mirror) को ढकने की परंपरा निभाई जाती है।

इस धार्मिक संस्कार को 'शिवा' कहते हैं। यहूदी धर्म में इसे शोक की अवधि का बेहद खास हिस्सा माना जाता है। इसके पीछे एक गहरा आध्यात्मिक और सामाजिक कारण छिपा है। आइए जानते हैं इसके पीछे का रहस्य।

मृत्यु के बाद दर्पण ढकने की परंपरा क्या है?

यहूदी धर्म में किसी मौत के बाद का समय बेहद संवेदनशील और शोक से भरा होता है। यहूदी रीति रिवाज और परंपराएं शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना और ईश्वरीय मार्गदर्शन देने का काम करती हैं।

यहूदी शोक की अवधि 'शिवा' के दौरान यहूदियों द्वारा निभाई जाने वाली ऐसी ही एक परंपरा में शीशे को ढका जाता है। इस प्रथा को सदियों से निभाया जा रहा है और इसके कई कारण हैं जो किसी की मौत पर शोक मनाने वालों के लिए बेहद खास महत्व रखता है।

why do jews cover mirrors after death jewish shiva mourning tradition explained

(AI Image)

'शिवा' परंपरा के दौरन क्या-क्या होता है? 

यहूदी धर्म में अंत्येष्टि (दाह संस्कार)के बाद की अवधि में परिवार के सबसे करीबी सदस्य अपनी दिखावटी पर ध्यान नहीं देते हैं। इस दौरान पुरुष दाढ़ी नहीं बनाते हैं और महिलाएं भी मेकअप नहीं करती और न ही बालों को संवारती हैं।

इस दौरान घर के सभी शीशे ढक दिए जाते हैं। शिवा के सात दिनों के दौरान पूरे हफ्ते घर में एक ही मोमबत्ती जलती रहेगी। शोक मनाने वाले लोग आमतौर पर काले रंग के कपड़े पहनते हैं।

शिवा पर्व के दौरान शोक संतप्त परिवारों में आत्मचिंतन करने और दिवंग त आत्माओं की यादों और भावनाओं पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यहूदी परंपरा में दर्पणों को ढककर शोक संतप्त परिवार किसी भी तरह के दिखावे से बचने की कोशिश करते हैं। यह समय आत्मचिंतन को सार्थक बनाने के साथ-साथ आध्यात्मिक व भावनात्मक रूप से भी खुद को मजबूत बनाने का समय होता है।

शिवा परंपरा को लेकर कई तरह के मिथक भी प्रचलित हैं जिसमें कहा जाता है कि, यहूदी धर्म में अगर मौत के बाद दर्पण को न ढका जाए तो इससे आत्मा दर्पण में कैद हो सकती है। हालांकि इस तरह की बातें अक्सर लोक प्रचलित मान्यताओं पर आधारित होती है, न कि धार्मिक मान्यताओं पर।

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