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प्राइवेट फोटो लीक करने की धमकी दे रहा है कोई? बिल्कुल न दें पैसे, तुरंत करें ये काम

Updated: Fri, 21 Aug 2026 10:00 AM (GMT+05:30)

अगर कोई आपकी प्राइवेट फोटोज लीक करने की धमकी देकर पैसे या फेवर मांग रहा है, तो घबराकर पैसे देने के बजाय तुरंत एक्शन लें। जानिए ऐसे मामलों में सबूत कैसे जुटाएं, साइबर पोर्टल और 1930 पर कैसे रिपोर्ट करें और कानूनी मदद कैसे पाएं।

फोटो लीक की धमकी और ब्लैकमेलिंग से ऐसे बचें। Photo- ChatGPT.

फोटो लीक की धमकी और ब्लैकमेलिंग से ऐसे बचें। Photo- ChatGPT.

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। अगर कोई आपको प्राइवेट फोटोज लीक करने की धमकी दे रहा है, तो ये सीधा-सीधा ब्लैकमेलिंग या जबरन वसूली का मामला है। लेकिन उस व्यक्ति को पैसे देने या और तस्वीरें भेजने से ये स्थिति शायद ही रुकेगी। आपको बस सबूत सुरक्षित रखने होंगे, साइबर क्राइम अधिकारियों को घटना की रिपोर्ट करनी होगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद लेनी होगी। आइए जानते हैं इस बारे में सारी डिटेल।

पहला कदम ये है कि आप बातचीत के सभी स्क्रीनशॉट्स सुरक्षित रख लें। इनमें फोन नंबर, यूजरनेम, प्रोफाइल लिंक, पेमेंट डिमांड और कोई भी ऐसी डिटेल शामिल होनी चाहिए जिससे आरोपी की पहचान हो सके। सबूत सुरक्षित करने से पहले मैसेज या चैट बिल्कुल भी डिलीट न करें।

आपको क्या करना होगा?

विक्टिम नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम सेल में जाकर भी शिकायत की जा सकती है।

शिकायत दर्ज करते समय धमकी देने वाले व्यक्ति के बारे में जितनी हो सके उतनी जानकारी दें- जैसे उसका फोन नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट, WhatsApp नंबर या अगर उसने पैसों की मांग की है तो बैंक डिटेल्स।

Nyaya Setu से मिलेगी कानूनी मदद

जो लोग कानूनी मदद चाहते हैं, वे सरकार के 'न्याय सेतु' प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये सर्विस कानूनी जानकारी देती है और टेली-लॉ सिस्टम के जरिए एलिजिबल यूजर्स को वकीलों से भी जोड़ती है।

यूजर्स प्लेटफॉर्म के AI असिस्टेंट Dishika के जरिए अपनी बात रखकर कानूनी ऑप्शन्स की जानकारी ले सकते हैं। मामले और एलिजिबिलिटी के आधार पर यूजर्स को आगे की मदद के लिए पैनल वकीलों से भी कनेक्ट कराया जा सकता है।

क्या करें अगर तस्वीरें पहले ही इंटरनेट पर अपलोड हो चुकी हैं?

अगर आपत्तिजनक तस्वीरें पहले ही इंटरनेट पर शेयर की जा चुकी हैं, तो पीड़ित StopNCII.org का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये एक फ्री सर्विस है जिसे प्लेटफॉर्म्स पर बिना सहमति के शेयर की गई पर्सनल तस्वीरों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है।

ये टूल ओरिजिनल फोटो अपलोड किए बिना यूजर के डिवाइस पर ही तस्वीर का एक 'डिजिटल हैश' (यूनिक कोड) जनरेट करता है। इसके बाद, इसमें शामिल प्लेटफॉर्म उस हैश का इस्तेमाल करके मिलती-जुलती अपलोड की गई इमेज की पहचान कर सकते हैं और अपनी पॉलिसी के तहत कार्रवाई कर सकते हैं।

इसके साथ ही जिस प्लेटफॉर्म पर तस्वीरें दिख रही हैं, वहां उस पोस्ट या अकाउंट को सीधे रिपोर्ट करें। सबसे अहम बात- ब्लैकमेलर को पैसे देने या उसकी किसी भी शर्त को मानने की गलती बिल्कुल न करें।

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