DVVNL बना रहा 20 साल आगे की बिजली आपूर्ति का मास्टर प्लान, नए पावर हाउस बनेंगे; ट्रांसफार्मर होंगे अपग्रेड
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) आगरा में अगले 20 साल की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए एक ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
डीवीवीएनएल आगरा में 20 साल का बिजली मास्टर प्लान बना रहा
नए बिजलीघर, क्षमता वृद्धि और ट्रांसफार्मर अपग्रेडेशन शामिल
बढ़ती मांग के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना लक्ष्य
जागरण संवाददाता, आगरा। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती बिजली की मांग के बीच दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) अब भविष्य की जरूरतों के हिसाब से बिजली व्यवस्था तैयार करने में जुट गया है। अगले 20 साल की बिजली जरूरत को ध्यान में रखते हुए डीवीवीएनएल वर्ष 2026-27 का बिजनेस प्लान तैयार कर रहा है।
इसमें नए बिजलीघरों की स्थापना, मौजूदा बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि और ट्रांसफार्मरों को अपग्रेड करने का खाका तैयार किया जाएगा।
मांग बढ़ने से पहले बढ़ेगी क्षमता, नए बिजलीघरों से मजबूत होगा नेटवर्क
आवासीय कॉलोनियों के विस्तार, नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, व्यावसायिक गतिविधियों में बढ़ोतरी और लगातार बढ़ रही आबादी के चलते बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में जिन क्षेत्रों में बिजलीघर और ट्रांसफार्मर अपनी क्षमता के करीब पहुंच चुके हैं, वहां भविष्य में ओवर लोडिंग की समस्या बढ़ सकती है। डीवीवीएनएल ने पहले ही आधार भूत ढांचा मजबूत करने की योजना बना रहा है।
नई कॉलोनियों और औद्योगिक क्षेत्रों पर फोकस, लोड के हिसाब से बनेगा बिजली ढांचा
बिजनेस प्लान में मौजूदा बिजलीघरों की क्षमता, वर्तमान लोड और पिछले वर्षों में बढ़ी बिजली मांग का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर आगामी वर्षों में संभावित मांग का अनुमान लगाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में मौजूदा बिजलीघरों की क्षमता पर्याप्त नहीं होगी, वहां क्षमता वृद्धि के साथ नए बिजलीघर प्रस्तावित किए जाएंगे।
शहर के बाहरी क्षेत्रों में तेजी से विकसित हो रही नई कॉलोनियों और औद्योगिक क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा। इन क्षेत्रों में अभी से बिजली ढांचे की जरूरत का आकलन कर भविष्य के हिसाब से व्यवस्था तैयार की जाएगी।
यह भी पढ़ें- नजूल जमीन पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद पटियाली SDM हटे, CM के आदेश के बाद कासगंज DM ने किया बदलाव
मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी का कहना है कि भविष्य में बिजली की डिमांड को ध्यान में रखते हुए प्लान तैयार किया जा रहा है। जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सके।
यह भी पढ़ें- देहरादून: 15 साल बाद 'आजाद' हुई 1015 वर्ग मीटर जमीन, कोर्ट के आदेश के बाद वन विभाग ने हटाया अतिक्रमण
