रामलला के 'भोग' को मिला FSSAI का 'भोग' सर्टिफिकेट, खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरा प्रसाद
रामलला के भोग को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का 'भोग' प्रमाणपत्र मिल गया है, जिससे श्रीराम जन्मभूमि ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो।
HighLights
रामलला के भोग को FSSAI का 'भोग' प्रमाणपत्र मिला।
राम मंदिर रसोई के नमूने खाद्य मानकों पर खरे।
अयोध्या का पांचवां धार्मिक स्थल बना यह प्रमाणित।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। रामलला का भोग अब खाद्य सुरक्षा और शुद्धता के मानकों पर भी प्रमाणित हो गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) की जांच में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की रसोई के सभी नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए हैं।
शनिवार को एफएसएसएआइ के सीईओ रजित पुनहानी के नेतृत्व में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि को भोग प्रमाणपत्र ट्रस्टी महांत दिनेंद्रदास, पूर्व महासचिव कृष्णमोहन, प्रभारी सचिव जगदीश आफले व सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा देवाशीष उपाध्याय की मौजूदगी में सौंपा गया।
एफएसएसएआइ की भोग (ब्लिसफुल हाइजीनिक आफरिंग टू गाड) पहल के तहत धार्मिक स्थलों पर प्रसाद की गुणवत्ता और रसोई की स्वच्छता सुनिश्चित की जाती है। इसी क्रम में मई में दिल्ली से आई टीम ने राम मंदिर की रसोई के भंडार गृह में नमूने लिए थे। टीम ने भोग तैयार करने की व्यवस्था से जुड़े भंडारियों और कोठारियों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के मानकों का प्रशिक्षण भी दिया था।
फलाहार की रहती है व्यवस्था
इसके बाद लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच हुई, जो सभी मानकों पर खरे उतरे।रामजन्मभूमि परिसर स्थित सीता रसोई में रामलला के लिए प्रतिदिन भोग तैयार किया जाता है। इसके लिए कर्मचारियों की अलग-अलग जिम्मेदारियां निर्धारित हैं। विशेष अवसरों पर प्रभु को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाता है, जबकि एकादशी और विशेष तिथियों पर फलाहार की व्यवस्था रहती है। प्रतिदिन फल और जूस भी अर्पित किए जाते हैं।
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भोग लगाने के बाद प्रसाद ट्रस्ट के कर्मचारियों, पुजारियों और श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है।सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा देवाशीष उपाध्याय ने बताया कि एफएसएसएआइ की भोग प्रमाणन प्रक्रिया में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, पानी, घी-तेल, बर्तनों की सफाई, रसोई की स्वच्छता और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े मानकों की जांच की जाती है। प्रमाणपत्र मिलने से राम मंदिर की रसोई में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की पुष्टि हुई है।
अयोध्या का पांचवा धार्मिक स्थल
भोग प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र रामनगरी का पांचवा धार्मिक स्थल है। इससे पहले हनुमानगढ़ी, जैन मंदिर, गुरुद्वारा नजरबाग, देवकाली मंदिर व कनक भवन को भोग प्रमाणपत्र मिल चुका है।
