विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आजमगढ़ के एसएसपी के साहसिक कदम को डीजीपी ने सराहा, पुलिस परिवार बनेगा बच्चियों का सहारा

Published: Sat, 26 Sep 2026 02:44 AM (IST)

डीजीपी राजीव कृष्ण ने आजमगढ़ पुलिस द्वारा शंभूपुर में दो मासूम बच्चियों को बचाने के लिए किए गए साहसिक ऑपरेशन ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. डीजीपी ने आजमगढ़ पुलिस के ऑपरेशन की सराहना की।

  2. पुलिस ने धैर्य और साहस से बच्चों को सुरक्षित बचाया।

  3. एसएसपी ने बच्चियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी ली।

जागरण संवाददाता, आजमगढ़। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने शंभूपुर में दो मासूम बच्चियों को बचाने के लिए आजमगढ़ पुलिस की ओर से किए गए आपरेशन की सराहना की है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में पुलिस ने धैर्य, साहस और कुशल फील्ड क्राफ्ट का परिचय दिया। संकट के बाद प्रभावित परिवार के साथ खड़े रहना और उन्हें सामान्य जीवन की ओर बढ़ने में सहयोग करना भी पुलिस के दायित्व का हिस्सा है।

डीजीपी ने कहा कि शंभूपुर में 22 सितंबर की रात एक कमरे के भीतर तीन मासूम बच्चों के साथ रिवाल्वर लेकर बंद आरोपित कोई बाहर वाला नहीं था, बल्कि उन्हीं बच्चों का पिता था। वह अपनी पत्नी और दो पुरोहितों की हत्या कर चुका था और बार-बार बच्चों को भी मारने की धमकी दे रहा था। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपित को पकड़ना नहीं, बल्कि कमरे में मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना था।

करीब सात-आठ घंटे तक पुलिस बातचीत और समझाइश के जरिए रास्ता निकालने में जुटी रही। एटीएस को भी मौके पर बुला लिया गया था, लेकिन जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाया गया। पोस्टमार्टम और बैलिस्टिक जांच में शौर्य को लगी गोली अरविंद की लाइसेंसी रिवाल्वर से चलने की पुष्टि हुई है।

जिस आपरेशन में दो बच्चियों को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस ने घंटों धैर्य रखा और निर्णायक क्षण में अपनी जान जोखिम में डाली, अब उसी परिवार के भविष्य के लिए भी पुलिस आगे आई है। एसएसपी डा. अनिल कुमार ने दोनों बच्चियों की जिम्मेदारी संभालने का निर्णय लिया है। उनकी पढ़ाई और पालन-पोषण में भी पुलिस परिवार सहयोग करेगा।

मुठभेड़ की होगी मजिस्ट्रीयल जांच

शंभूपुर गहजी में पत्नी, बेटे और दो पुरोहितों की हत्या करने वाले अरविंद के पुलिस मुठभेढ़ की मजिस्ट्रीयल जांच होगी। एसएसपी डा. अनिल कुमार ने मंगलवार शाम से देर रात तक हुए घटनाक्रम की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि 25 सितंबर को जांच के लिए किसी एक एसडीएम को नियुक्त किया जाएगा। जांच निष्पक्ष होगी। घटना से जुड़ा कोई भी व्यक्ति अपना बयान दर्ज करा सकेगा। बयान देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी, ताकि उन्हें भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।

घर पर ताला लगाकर सुल्तानपुर रवाना हुआ परिवार

गहजी गांव में हुई घटना के बाद अरविंद की मां शमला देवी और परिवार के अन्य सदस्य शुक्रवार देर रात घर पर ताला लगाकर सुल्तानपुर रवाना हो गए। शमला देवी की बड़ी बेटी साधना सुल्तानपुर में रहती हैं। परिवार के सदस्य कुछ दिन वहीं रहेंगे, इसके बाद गाजियाबाद जाने की बात कही गई है।

पड़ोसी हरिशंकर सिंह ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9:30 बजे पुलिस की गाड़ी से शमला देवी और दोनों बच्चियों को घर लाया गया था। शमला देवी और बड़ी बहू ममता ने मकान का ताला खोलकर जरूरी सामान लिया। इसके बाद देर रात दो गाड़ियों से परिवार सुल्तानपुर रवाना हो गया। मकान के बाहर पुलिस की क्यूआरटी तैनात है।

यह भी पढ़ें- आजमगढ़ में 21 लाख से शहर के सात नए जगहों पर लगेगा CCTV कैमरा, सिटी की सुरक्षा होगी मजबूत