बलरामपुर में दीपोत्सव की रोशनी से जगमगाया राप्ती नदी का सिसई घाट, बच्चों ने शुरू किया था प्रेरणादायक कार्यक्रम
बलरामपुर में इस वर्ष दीपोत्सव का भव्य आयोजन राप्ती नदी के सिसई घाट पर किया गया, जिसमें हजारों दीपों से घाट जगमगा उठा।

राप्ती नदी के सिसई घाट पर दीपोत्सव के दौरान आरती करते लोग। जागरण
जागरण संवाददाता, बलरामपुर। आस्था, संस्कृति और परंपरा के पावन संगम का प्रतीक दीपोत्सव 2026 इस वर्ष भी बलरामपुर में अत्यंत हर्षोल्लास, भव्यता और दिव्यता के साथ मनाया गया। बलरामपुर मंथन और नमामि अचिरावती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में राप्ती नदी के सिसई घाट को हजारों दीपों की अलौकिक रोशनी और लोक संस्कृति से जगमगा दिया।
वर्ष 2019 से कुछ बच्चों द्वारा शुरू किया गया यह प्रेरणादायक कार्यक्रम अब जनसहभागिता एवं सामाजिक रचनाशीलता का प्रतीक बन गया है। इस वर्ष भव्य आयोजन का सातवां संस्करण रामचेतना थीम पर आधारित था।
आयोजन के दौरान चलाए गए विशेष एक दीप पुरखों के नाम अभियान के अंतर्गत राजघाट पर भी भव्य रूप से दिए प्रज्ज्वलित किए गए। बलरामपुर राजपरिवार के महाराजा पाटेश्वरी प्रसाद सिंह, महाराजा धर्मेंद्र प्रताप सिंह एवं राजमाता की समाधियां स्थित हैं।
नमामि अचिरावती के वालंटियर्स ने नगर के आम जनमानस से घर-घर जाकर एक-एक दिया प्राप्त किया और पूरे घाट को दीपों से रोशन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय कलाकारों एवं रामचेतना आनलाइन रचनात्मक प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों की सुंदर एवं मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ हुआ।
इसके पश्चात संध्या बेला में विधि-विधान के साथ मंगलाचरण, शिक्षकों एवं नारीशक्ति ने दीप जलाया और ग्यारह बटुक जनों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां अचिरावती की पूजा-अर्चना की।
तट स्थित श्रीहनुमानजी मंदिर के मुख्य पुजारी ने मां राप्ती की भव्य महाआरती उतारी गई, जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद आयोजित भजन जैमिंग ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक सौम्य अग्रवाल, विभाग प्रचारक प्रवीण, जेपी पांडेय, बलजीत, अभय, पंकज, सौरभ, अंश, संजय, अवधेश, आकाश, संतमणि, देशराज, उमंग, वीरेंद्र, शिवांश, कीर्ति, आकृति और श्याम उपस्थित रहे।