2 साल पहले Google Map के कारण गई थी 3 जानें, फिर भी अटका मुढ़ा पुख्ता पुल का बजट; जान जोखिम में डाल नदी पार कर रहे लोग
रामगंगा नदी पर क्षतिग्रस्त मुढ़ा पुख्ता पुल का 140 करोड़ का बजट लखनऊ में अटका है, जिससे हजारों ग्रामीणों को ...और पढ़ें

पुल अधूरा होने की वजह से जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करते ग्रामीण। जागरण
जागरण संवाददाता, बरेली/बदायूं। मंडल के दो जिलों को आपस में जोड़ने वाले क्षतिग्रस्त रामगंगा नदी पर बना मुढ़ा पुख्ता पुल का बजट राजधानी में अटक गया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि भी पैरवी कर रहे हैं, लेकिन वित्त कमेटी से अभी तक हरी झंडी ही नहीं मिल पाई है।
फरीदपुर और दातागंज क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को 40 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। नदी के आसपास के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार कर रहे हैं।
बता दें कि बदायूं जिले के दातागंज क्षेत्र में स्थित यह पुल 2023 में चालू हुआ था। उसी साल नदी में आई बाढ़ के दौरान पुल का एप्रोच बह गया था। दो साल पहले गूगल मैप के सहारे पहुंचे कार सवार युवक दुर्घटना के शिकार हो गए थे।
कार नदी में गिर जाने से तीनों की जान चली गई थी। शासन के निर्देश पर आइआइटी रुड़की के इंजीनियरों से अध्ययन कराकर लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम ने 140 करोड़ रुपये का संयुक्त एस्टीमेट शासन को भेजा है।
मगर, वित्त कमेटी के परीक्षण में अभी तक पास नहीं हो सका है। क्षेत्रीय विधायक से लेकर जिलाधिकारी और मंडलायुक्त तक शासन को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन बजट कब तक जारी होगा, अभी कुछ पता नहीं है। मुख्य अभियंता सीपी गुप्ता का कहना है कि अभी बजट आवंटित नहीं हुआ है।
दातागंज और समरेर क्षेत्र के लोगों को फरीदपुर इंडस्ट्रियल क्षेत्र तक कामकाज के लिए जाना पड़ता है। पुल क्षतिग्रस्त होने से 40 किमी का फेर पड़ रहा है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी जाने क्या कर रहे हैं। - आर्येंद्र यादव, ग्राम मुढ़ा पुख्ता
मुढ़ा पुख्ता पुल से फरीदपुर तक आवागमन आसान हो गया था। अगर यह पुल चालू हो जाता है तो आने-जाने में समय और धन दोनों की बचत होगी। सुन रहे हैं कि बजट लखनऊ से आवंटित नहीं हुआ है, यह तो अधिकारी ही जानें। - डाॅ. पप्पू, ग्राम सिताबनगर
रामगंगा नदी के दूसरी साइड में भी समरेर क्षेत्र के लोगों के खेत हैं। खेत तक जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। फरीदपुर इंडस्ट्रियल क्षेत्र में रोजी-रोटी की तलाश में यहां से लोग नहीं जा पा रहे हैं। पुल जल्दी चालू होना चाहिए। - महीपाल यादव, ग्राम नवदिया
