बुलंदशहर में 28 साल पहले हुई हत्या के मामले में दो सगे भाई गिरफ्तार, मेला देखने आए युवक की कैंची से की थी हत्या
खुर्जा पुलिस ने 28 साल पुराने हत्या के मामले का पर्दाफाश करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
खुर्जा पुलिस ने 28 साल पुराने हत्या के मामले का खुलासा किया।
तारा सिंह और रमेश नामक दो सगे भाई गिरफ्तार किए गए।
आरोपियों ने 1997 में ब्रह्मजीत की कैंची से हत्या की थी।
संवाद सहयोगी, खुर्जा। 28 साल पुराने हत्या का पर्दाफाश करते हुए फरार चल रहे दो शातिर आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वर्ष 1997 में मेला देखने आए व्यक्ति की हत्या कर शव को गायब कर दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपितों को मधुपुरा मोड़ के पास से पकड़ लिया और वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। खुर्जा सीओ शोभित कुमार ने बताया कि 17 अगस्त 2026 को थाना सेक्टर-39 नोएडा में जीरो एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसे 25 अगस्त 2026 को थाना खुर्जा नगर स्थानांतरित किया गया।
मामले में खुर्जा क्षेत्र के गांव भिंडोर निवासी वादी सुरजीत ने बताया कि नौ अक्टूबर 1997 को उनका भाई ब्रह्मजीत छलेरा अपने गांव के रमेश के साथ मेला देखने खुर्जा आया था। तभी आरोपितों ने मिलकर उनके भाई ब्रह्मजीत की हत्या कर दी और शव को कहीं छुपाकर फरार हो गए थे। वर्ष 1997 में ही वादी ने जनपद गौतमबुद्धनगर में ब्रह्मजीत की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। क्योंकि उनका भाई ब्रह्मजीत गौतमबुद्धनगर में ही रहकर नौकरी करता था।
मामले में सोमवार को संलिप्त गांव भिंडौर निवासी तारा सिंह और उसके भाई रमेश को पुलिस ने मधुपुरा मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। सीओ ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों ने बताया कि उनका झगड़ा वर्ष 1997 में ब्रह्मजीत के साथ हो गया था। जिसके बाद ब्रह्मजीत गौतमबुद्धनगर जाकर रहने लगे। जहां रमेश और ब्रह्मजीत में बातचीत हो गई थी, लेकिन रमेश पूर्व में झगड़े को लेकर योजना के तहत ब्रह्मजीत को मेला दिखाने के बहाने खुर्जा ले आया और यहां उसकी अपने भाई तारा सिंह के साथ मिलकर कैंची से हत्या कर दी और उसके बाद शव को छुपा दिया था।
जिसके बाद वह मुंबई में जाकर रहने लगा था और वहां शादी करने के बाद अपना नाम पता बदल लिया था। मुंबई से आने के बाद वह नाेएडा रहने लगा। जिसकी वादी सुरजीत को जानकारी हुई, तो उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया। सीओ ने बताया कि पकड़े गए तारा सिंह और रमेश ने पुलिस पूछताछ में हत्या करना स्वीकार किया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
