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चंदौली में रेल पटरी पार करने वालों पर आरपीएफ का शिकंजा, आठ माह में 2143 गिरफ्तार

Published: Sun, 06 Sep 2026 02:55 PM (IST)

पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में रेलवे ट्रैक पार करने वालों के खिलाफ आरपीएफ ने सख्त कार्रवाई की है। आठ महीनों में 2143 लोगों को पकड़ा गया।

यह फोटो एआई टूल की मदद से बनाई गई है।

यह फोटो एआई टूल की मदद से बनाई गई है।

HighLights

  1. आठ माह में 2143 लोग रेलवे ट्रैक पार करते पकड़े गए।

  2. रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत विधिक कार्रवाई की गई।

  3. आरपीएफ का उद्देश्य हादसों पर अंकुश लगाना और सुरक्षित परिचालन।

जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली)। रेलवे ट्रैक को शार्टकट समझकर पार करना अब भारी पड़ रहा है। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल ने शिकंजा कस दिया है। पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान आठ माह में 2143 लोगों को रेलवे ट्रैक अनधिकृत रूप से पार करते पकड़ा गया। सभी के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत विधिक कार्रवाई की गई।

आरपीएफ की सख्ती का उद्देश्य हादसों पर अंकुश लगाने के साथ ट्रेनों के सुरक्षित, सुचारु व समयबद्ध परिचालन को सुनिश्चित करना है। एक जनवरी से 31 अगस्त तक चले अभियान में फरवरी सबसे भारी रहा। इस महीने 417 लोगों को ट्रैक पार करते पकड़ा गया।

मई में 390, अगस्त में 367, जुलाई में 275, जनवरी में 201, जून में 171, मार्च में 170 तथा अप्रैल में 152 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई।आंकड़े बताते हैं कि मानसून के दौरान भी ट्रैक पार करने की प्रवृत्ति कम नहीं हुई। अगस्त में 367 लोगों पर कार्रवाई इसका प्रमाण है। पोस्टवार कार्रवाई में गया सबसे आगे रहा। यहां 967 लोगों को ट्रैक पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

डेहरी ऑन सोन में 426, सासाराम में 223, पीडीडीयू पोस्ट क्षेत्र में 256, रफीगंज में 114, जपला में 62, मानसनगर में 56, यार्ड में 33 व नबीनगर में छह लोगों पर कार्रवाई की गई। इस तरह अकेले गया पोस्ट में हुई कार्रवाई कुल आंकड़े का बड़ा हिस्सा रही। रेलवे ट्रैक आम आवागमन का रास्ता नहीं है। जल्दबाजी में कुछ कदम बचाने की कोशिश जिंदगी भर का नुकसान कर सकती है।

ट्रैक पर ट्रेन की गति, दूसरी लाइन से आने वाली ट्रेन व पीछे से आने वाले इंजन का अनुमान लगाना मुश्किल होता है। ऐसी लापरवाही से जान जाने के साथ रेल परिचालन भी प्रभावित होने की आशंका रहती है।

आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए फुटओवर ब्रिज, अंडरपास अथवा रेलवे प्रशासन की ओर से निर्धारित मार्ग का ही इस्तेमाल करें। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षित यात्रा के लिए नियमों का पालन जरूरी है। ट्रैक पार करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।

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