चित्रकूट में फिर उफान पर मंदाकिनी, चार घंटे में 2.60 मीटर बढ़ा पानी; रामघाट की दुकानें डूबीं
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी फिर उफान पर है, मंगलवार सुबह खतरे के निशान से 2.5 मीटर ऊपर बह रही है, जिससे रामघाट की दुकानें दोबारा डूब गईं।
HighLights
मंदाकिनी नदी चित्रकूट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही।
रामघाट की दुकानें दोबारा पानी में डूबीं, लोगों में दहशत।
29 अगस्त की रिकॉर्ड बाढ़ का खौफ फिर सताने लगा।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। 29 अगस्त की तबाही का खौफ अभी लोगों के जेहन से निकला भी नहीं था कि मंदाकिनी ने मंगलवार सुबह फिर रौद्र रूप धारण कर लिया।
सोमवार रात खतरे के निशान से नीचे आई नदी का जलस्तर रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद भोर से प्रतिघंटा करीब 80 सेमी की गति से बढ़ने लगा। सुबह आठ बजे बजे नदी 129.000 मीटर पर पहुंच गई, जो खतरे के निशान 126.500 मीटर से 2.500 मीटर ऊपर है।
महज पौन चार घंटे में जलस्तर में करीब 2.60 मीटर की बढ़ोतरी से रामघाट की दुकानें दोबारा पानी में डूब गईं। नदी किनारे रहने वाले परिवारों में दहशत फैल गई और लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे।
सुबह चार बजे मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे था। इसके बाद बारिश और तेज बहाव के साथ नदी तेजी से बढ़ी। छह बजे जलस्तर 128.150 मीटर और आठ बजे 129.000 मीटर दर्ज किया गया। रामघाट में पानी बढ़ने से उन दुकानदारों की चिंता बढ़ गई, जो पिछली बाढ़ के बाद दुकानें साफ कर कारोबार शुरू करने की कोशिश कर रहे थे।
मध्य प्रदेश के सीमावर्ती सतना जिले और चित्रकूट में रात से लगातार बारिश हो रही है। प्रशासन ने सोमवार को ही भारी बारिश का अलर्ट जारी कर कक्षा एक से आठ तक के विद्यालय बंद रखने के निर्देश दिए थे। लगातार एक सप्ताह से बीच-बीच में राहत के बाद मंदाकिनी का जलस्तर फिर खतरे के निशान के ऊपर पहुंचने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
रिकार्ड बाढ़ का खौफ फिर सताने लगा।
29 अगस्त को मंदाकिनी 135.200 मीटर के रिकार्ड स्तर तक पहुंच गई थी। सदी की इस बड़ी बाढ़ में 10 हजार से अधिक परिवार प्रभावित हुए, पांच हजार से अधिक लोग बाढ़ में फंस गए और दो लोगों की मौत हुई थी। बचाव के लिए वायुसेना और एनडीआरएफ तक को उतरना पड़ा था। यही वजह है कि नदी का पानी दोबारा बढ़ते ही रामघाट और नदी किनारे के लोगों में पुराने भयावह मंजर की यादें ताजा हो गईं। इस समय हर 15 मिनट में 20 सेमी पानी बढ़ रहा है।
