फिरोजाबाद जेल में बंदी ने की आत्महत्या: सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, सिटी मजिस्ट्रेट करेंगे जांच
फिरोजाबाद जिला जेल में बंदी जितेंद्र की आत्महत्या के बाद जेल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
बंदी जितेंद्र ने जिला जेल में की आत्महत्या
जेल की सुरक्षा और निगरानी पर उठे सवाल
डीएम ने मजिस्ट्रेियल जांच के दिए आदेश
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। जिला जेल में बंदी जितेंद्र द्वारा आत्महत्या किए जाने से जेल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं डीआइजी जेल पीएन पांडेय ने जेल पहुंचकर घटना की जानकारी ली और सीसीटीवी फुटेज देखा। साथ ही मृतक के स्वजन से भी वार्ता की। डीएम ने मजिस्ट्रेरियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को नामित किया है।
सिरसागंज के गांव अकबरपुर निवासी 40 वर्षीय जितेंद्र उर्फ करूआ ने जेल के अंदर स्थित सेप्टिक टैंक में कूदकर आत्महत्या करने के मामले की मजिस्ट्रेरियल जांच के आदेश डीएम संतोष कुमार शर्मा ने दिए हैं। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय को नामित किया है।
डीआईजी जेल ने ली जानकारी
बंदी की मृत्यु की जानकारी मिलने पर डीआईजी जेल पीएन पांडेय जेल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उन्होंने वह सीसीटीवी फुटेज भी देखा जिसमें बंदी सेप्टिक टैंक में कूदने हुए दिखने की बात कही गई है। डीआईजी ने बंदी के स्वजन से भी वार्ता की। इसके बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निलंबित किए गए हेड जेल वॉर्डन राम अवतार शाक्य और जेल वार्डर अजय प्रताप की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
बंदी की मृत्यु से निगरानी पर उठे सवाल, सिटी मजिस्ट्रेट करेंगे जांच
बंदी जितेंद्र के छोटे भाई हरवेंद्र ने बताया कि जितेंद्र तीन भाइयों में बड़े थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि भाई को बैरक से बाहर लाए जाने के दौरान निगरानी क्यों नहीं की गई। टैंक का ढक्कन हाटते समय किसी ने क्यों नहीं देखा। सीसीटीवी फुटेज से निगरानी का दावा किया जाता है, आखिर उस समय निगरानी में लापरवाही क्यों हुई।
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जेल प्रशासन पर वसूली का आरोप
बंदी की मृत्यु के बाद अखिलेश शर्मा ने इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करके कहा कि बंदी की मृत्यु बेहद संदेहास्पद है। पोस्ट में लिखा है कि पिछले कई महीनों से जेल के अंदर बंदियों को प्रताड़ित करने और धन उगाही का बड़ा खेल चल रहा है। उन्होंने बताया कि छह अक्टूबर को कोटला चुंगी चौराहे के पास पत्नी शिप्रा तैलंग और सनी ठाकुर को गोली मारने के आरोपित ऋषभ उर्फ बंटी तैलंग ने जेल से छूटे तीन बंदियों को पत्र देकर जेल में मशक्कत काटने के नाम पर 50 हजार रुपये मांगे जाने की सूचना दी थी। स्वजन ने मामले की शिकायत विधायक मनीष असीजा से की थी। इसके बाद विधायक ने डीआइजी जेल पीएन पांडेय से शिकायत की थी।
