उड़ान योजना को झटका: हिंडन एयरपोर्ट को 7 साल से नहीं मिली सब्सिडी, 25 से घटकर 7 शहरों तक सिमटीं उड़ानें
हिंडन एयरपोर्ट पर उड़ान योजना के तहत सात साल बाद भी राज्य सरकार से बिजली और सुरक्षा पर सब्सिडी नहीं ...और पढ़ें

हिंडन एयरपोर्ट।
HighLights
हिंडन एयरपोर्ट को सात साल से राज्य सरकार की सब्सिडी नहीं मिली।
बिजली और सुरक्षा पर सब्सिडी न मिलने से विकास प्रभावित।
सब्सिडी से सालाना 15 लाख रुपये की बचत हो सकती है।
जितेंद्र सिंह, साहिबाबाद। हिंडन एयरपोर्ट पर उड़ान योजना हवा में है, लेकिन सात साल बाद भी योजना के तहत राज्य सरकार से मिलने वाली सुविधाएं एयरपोर्ट को नहीं मिली हैं। बिजली और सुरक्षा पर सब्सिडी के लिए कई बार पत्र भी लिखा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
अधिकारियों का कहना है कि उड़ान योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा एयरपोर्ट पर बिजली, पानी और सुरक्षा पर सब्सिडी मिलने का प्रावधान है।
सुरक्षा को लेकर मैन पावर तो दे दी गई, लेकिन न तो सुरक्षा उपकरण दिए गए और न ही उपकरणों को खरीदने के बाद उनके मेंटेनेंस पर आने वाले खर्च दिया गया।
2019 से नहीं मिली कोई सब्सिडी
बिजली बिल पर सब्सिडी के रूप में जो चार रुपये प्रति यूनिट लिया जाना था वो करीब आठ रुपये प्रति यूनिट लिया जा रहा है। हिंडन एयरपोर्ट पर पहली उड़ान वर्ष 2019 में शुरु हुई थी।
तब से अब तक एयरपोर्ट पर राज्य सरकार से मिलने वाली सुविधा और सब्सिडी नहीं मिली है। एयरपोर्ट पर जांच मशीन व अन्य सुरक्षा उपकरण एयरपोर्ट प्राधिकरण द्वारा लिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि उड़ान योजना की सुविधाएं मिलने पर हिंडन एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं में और इजाफा होगा। केंद्र सरकार की उड़ान उड़े देश का आम नागरिक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत उत्तर प्रदेश के कई छोटे और दूरदराज के शहरों को हवाई सेवा से जोड़ा गया है।
वर्तमान में धड़ाम हैं उड़ान सेवाएं
गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट इस योजना के पहले चरण के तहत प्रमुख रूप से विकसित किया गया था। शुरुआत में हिंडन एयरपोर्ट तेजी से विकसित होने वाले एयरपोर्ट में शुमार हुआ।
25 जगहों के लिए उड़ानें वर्तमान में धड़ाम होकर सात शहरों तक ही रह गई हैं। यहां पर विमानों की पार्किंग की कमी और वाच आवर पाबंदियों के कारण एयरलाइंस कंपनियों द्वारा उड़ानें बढ़ाई नहीं जा रही हैं।
सब्सिडी मिलती तो सालाना होती 15 लाख रुपये तक की बचत
अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट पर एक महीने में करीब 30 हजार यूनिट बिजली की खपत है। इस पर करीब 8.32 रुपये प्रति यूनिट की दर से महीने का करीब ढाई लाख रुपये बिजली बिल पर खर्च दिया जाता है।
इस हिसाब से सालाना करीब 30 लाख रुपये बिजली पर खर्च आता है। उड़ान योजना के तहत सब्सिडी के तहत अगर चार रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलती तो सालाना करीब 14.40 लाख रुपये का खर्च आता।
इस हिसाब से एयरपोर्ट प्राधिकरण का साल में करीब 15 लाख रुपये की बचत होती। इस रकम से एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए सुविधाएं विकसित होतीं।
