गोरखपुर में बाढ़ की आहट से डरे ग्रामीण, हिरुआ में तेज कटान; रास्ते प्रभावित होने से मुश्किल हुई ग्रामीणों की आवाजाही
गोरखपुर के बड़हलगंज और पीपीगंज क्षेत्रों में सरयू और राप्ती नदियों के बढ़ते जलस्तर से कई गांव बाढ़ से घिर ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
बड़हलगंज में सरयू-राप्ती से घिरे गांव, संपर्क मार्ग हुए प्रभावित।
पीपीगंज के हिरुआ में राप्ती का कटान, उपजाऊ भूमि नदी में समाई।
प्रशासन ने नावों की व्यवस्था की, बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बड़हलगंज के कछार में सरयू और राप्ती नदियों से फिर गांव घिरने लगे हैं। कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है और संपर्क मार्ग प्रभावित होने से ग्रामीणों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।
बड़हलगंज क्षेत्र के बगहा देवार, ज्ञानकोल, कोलखास और नेतवारपट्टी में तहसील प्रशासन ने नाव की व्यवस्था की है। कोटियानिरंजन, गोनहा, जैतपुर, बल्थर और मुसाडोही समेत कई गांवों के संपर्क मार्गों पर भी पानी चढ़ गया है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता सुधांशु सिंह ने बताया कि फिलहाल कटान की सूचना नहीं है।
पीपीगंज क्षेत्र के हिरुआ गांव के सामने राप्ती नदी का कटान तेज हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार कई एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में समा चुकी है। उन्होंने तत्काल कटानरोधी कार्य और ठोकर निर्माण कराने की मांग की है।
बांसगांव क्षेत्र में एसडीएम मलखान सिंह ने तहसीलदार सुशील कुमार भारती के साथ करजहीं, कतरारी, अईमा और बेला सहित बाढ़ संभावित गांवों का निरीक्षण किया। राजस्वकर्मियों को लगातार भ्रमण और जलस्तर की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
आमी नदी का जलस्तर बढ़ने से परई ताल भी लबालब हो गया है। इससे फसल की सिंचाई को लेकर चिंतित किसानों को राहत मिली है। सहजनवां में एसडीएम नमन मेहता ने बरहुआ बाढ़ चौकी का निरीक्षण कर कालेसर-बरहुआ बांध के रेनकट भरने और पत्थर के ठोकरों की निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखते हुए जलस्तर की सूचना समय से देने का निर्देश दिया।
