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जिस जमीन पर सौदा करने जा रहे हैं, कहीं कोर्ट केस तो नहीं? मोबाइल से ऐसे करें जांच

Published: Fri, 04 Sep 2026 02:32 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में जमीन खरीदने से पहले मोबाइल से गाटा नंबर की वादग्रस्त स्थिति की जांच कर सकते हैं। यह ...और पढ़ें

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HighLights

  1. उत्तर प्रदेश में मोबाइल से जमीन की वादग्रस्त स्थिति जांचें।

  2. भूलेख वेबसाइट पर गाटा नंबर डालकर राजस्व विवाद जानें।

  3. यह प्रारंभिक जांच कानूनी विवादों से बचने में सहायक है।

विवेक शुक्ला, गोरखपुर। जमीन खरीदना जिंदगी का बड़ा फैसला होता है। कई बार कागजों में जमीन साफ नजर आती है, मालिक का नाम भी सही मिलता है, लेकिन भूखंड किसी विवाद या राजस्व वाद में फंसा होता है। ऐसी स्थिति में सौदा करने के बाद खरीदार को कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।

अच्छी बात यह है कि उत्तर प्रदेश में जमीन खरीदने से पहले मोबाइल से ही गाटा नंबर की वादग्रस्त स्थिति की शुरुआती जांच की जा सकती है। कुछ मिनट में पता लगाया जा सकता है कि जिस जमीन पर पैसा लगाने जा रहे हैं, उसका कोई राजस्व विवाद तो नहीं चल रहा।

मोबाइल से ऐसे करें जांच

1. वेबसाइट खोलें
मोबाइल में उत्तर प्रदेश भूलेख की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।

2. वाद की स्थिति वाला विकल्प चुनें
वेबसाइट पर 'भूखण्ड/गाटे के वाद ग्रस्त होने की स्थिति जाने' विकल्प पर जाएं।

3. जमीन की जानकारी भरें
जनपद, तहसील और गांव का चयन करें।

4. गाटा नंबर डालें
जिस जमीन को खरीदने जा रहे हैं, उसका गाटा/खसरा नंबर दर्ज करें।

5. सामने आ जाएगी स्थिति
सर्च करने के बाद पता चल जाएगा कि संबंधित गाटा किसी दर्ज राजस्व वाद से जुड़ा है या नहीं।

सिर्फ इतना चेक करना काफी नहीं
जमीन खरीदने से पहले खतौनी में मालिक का नाम, गाटा संख्या, भूमि का क्षेत्रफल और नामांतरण की स्थिति भी जांचें। अगर विक्रेता के नाम जमीन हाल में आई है तो पुराने रिकॉर्ड भी देखना जरूरी है। इसके अलावा यदि किसी वाद का नंबर या केस की जानकारी मिलती है तो राजस्व न्यायालय (RCCMS) पर उसकी स्थिति भी देखी जा सकती है।

सावधानी जरूरी
ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच जमीन की खरीद से पहले की प्रारंभिक पड़ताल है। केवल वेबसाइट पर रिकॉर्ड देखकर सौदा फाइनल न करें। जमीन के पुराने दस्तावेज, बैनामा, नामांतरण और न्यायालय संबंधी रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराना सुरक्षित रहता है।

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सौदा करने से पहले मोबाइल पर ये 5 चीजें जरूर जांचें

  • गाटा/खसरा नंबर
  • खतौनी में दर्ज मालिक
  • नामांतरण की स्थिति
  • गाटा वादग्रस्त है या नहीं
  • जमीन से जुड़े पुराने दस्तावेज और मुकदमे

यानी जमीन खरीदने से पहले पांच मिनट की ऑनलाइन जांच आपको लंबे कानूनी विवाद से बचा सकती है।

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