वोटर लिस्ट को लेकर उलझे अखिलेश-रिणवा, फर्जी मतदाताओं की शिकायत पर निर्वाचन अधिकारी ने सपा की मंशा पर उठाया सवाल
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के बीच मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों को लेकर एक्स ...और पढ़ें
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HighLights
अखिलेश ने मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों का मुद्दा उठाया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सपा की मंशा पर सवाल उठाए।
आजमगढ़ के विकास यादव मामले की जांच जारी है।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मतदाता सूची में प्रदेश के 100 विधान सभा क्षेत्रों में एक लाख मतदाताओं के नाम डुप्लीकेट हाेने की शिकायत और चुनाव आयोग पर आरोपों को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के बीच एक्स पर सवाल-जवाब हुआ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सपा की मंशा पर सवाल उठाए तो सपा प्रमुख ने पूछा कि जब आम लोग मतदाता सूची की गड़बड़ियां पकड़ सकते हैं तो पूरा तंत्र होने के बावजूद निर्वाचन आयोग अपनी गलतियां क्यों नहीं पकड़ पा रहा है? इस पर रिणवा ने एक्स पर जवाब दिया- 'वाजिब सवाल है।'
सपा प्रमुख ने गुरुवार और शुक्रवार को पत्रकार वार्ता कर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने 19.20 लाख फर्जी मतदाता बनाने के आरोप के साथ आजमगढ़ के विकास यादव को पेश कर उसके नाम से 10 वोट बनने की बात कही थी।
जांच के लिए दिया जाना चाहिए था समय
इसके बाद एक समाचार चैनल से बातचीत में नवदीप रिणवा ने कहा यदि उनकी मंशा सही थी तो इतने बड़े आरोप लगाने से पहले पर्याप्त समय देना चाहिए था। उन्होंने इस काम के लिए महीनों का समय लिया, निर्वाचन आयोग को भी जांच के लिए कम से कम कुछ दिन का समय दिया जाना चाहिए था।
सपा प्रमुख ने उनका वीडियो एक्स पर साझा कर लिखा, जनता का सवाल इतना है कि जब आम लोग गलती पकड़ ले रहे हैं तो जिसके पास पूरा विभाग और अत्याधुनिक एआइ तकनीक है, वो चुनाव आयोग अपनी गलती क्यों नहीं पकड़ पा रहा?
कोई भी आंकड़ा सही-गलत की तराजू पर तोले बिना क्यों और कैसे प्रकाशित कर दिया जा रहा है? चुनाव आयोग जनता के मामले में तो लाजिकल डिस्क्रिपेंसी से हर त्रुटि पकड़ ले रहा है, लेकिन अपने आंकड़ों की तार्किक विसंगति क्यों नहीं पकड़ पा रहा है या फिर पकड़ना नहीं चाह रहा है? सवाल तो बनता है न?
इसके बाद रिणवा ने भी इसके उत्तर में सपा प्रमुख की पोस्ट को टैग करते हुए लिखा, निर्वाचन आयोग एआइ तकनीक का प्रयोग नहीं करता है, लेकिन समय-समय पर डुप्लीकेट वोटों को मतदाता सूची से हटाने का काम किया जाता है।
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आजमगढ़ के विकास यादव मामले की जांच जिला निर्वाचन अधिकारी आजमगढ़ द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने पर वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाएगा। डुप्लीकेट मतदाता न बनें, इस दिशा में काम किया जा रहा है।
माना जा रहा है कि अभी सवाल-जवाब का यह सिलसिला और आगे बढ़ सकता है। वहीं शिकायतों की जांच के बाद आयोग के स्पष्टीकरण पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।
