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आजम खां की कानूनी मुश्किलें नहीं हो रहीं खत्म: 14 दिन की न्यायिक हिरासत के बाद 15 और मुकदमों में रिमांड की तैयारी

Published: Tue, 03 Nov 2026 12:15 AM (IST)

रामपुर जेल से जमानत पर रिहाई के तुरंत बाद ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए आजम खां की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।

आजम खां। (फाइल फोटो)

आजम खां। (फाइल फोटो)

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। रामपुर जेल से जमानत पर रिहाई के चंद मिनटों बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दूसरे मामले में गिरफ्तार किए गए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां की कानूनी मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रहीं।

जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में हुई ईडी की कार्रवाई के बाद फिलहाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में गाजियाबाद की डासना जेल में बंद आजम के खिलाफ रामपुर पुलिस की ओर से भी दीपावली के बाद कार्रवाई तेज किए जाने की तैयारी है।

स्थानीय पुलिस अन्य 15 मुकदमों में आजम को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। वहीं, अजीमनगर थाने में 13 अक्टूबर को दर्ज मुकदमे में पूछताछ के लिए नए सिरे से रिमांड प्रार्थना पत्र दाखिल करने की तैयारी है।

पुलिस का पिछला प्रार्थना पत्र सोमवार को रामपुर की अदालत ने निरस्त कर दिया। उधर, ईडी आजम के खिलाफ जल्द ही चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।

आजम खां की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। ईडी ने 28 अक्टूबर को जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और भवनों को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अनंतिम रूप से कुर्क किया था।

ईडी के अनुसार, कुर्क संपत्तियों का दर्ज मूल्य 426.46 करोड़ रुपये है, जबकि इनका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 1,170 करोड़ रुपये आंका गया है। उधर, रामपुर में दर्ज पुराने मुकदमों में भी पुलिस की कार्रवाई का रास्ता खुला हुआ है।

अजीमनगर थाने में 13 अक्टूबर को जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग को लेकर ईडी की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया था।

इस मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने अदालत में रिमांड प्रार्थना पत्र दिया था। उस समय आजम खां रामपुर जेल में बंद थे, लेकिन सुनवाई से पहले ही दो पैन कार्ड मामले में हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें रिहा किया गया और जेल के बाहर से ईडी ने गिरफ्तार कर लिया।

इसके कारण पुलिस की रिमांड प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब पुलिस को नए सिरे से संबंधित अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल करना होगा। इसी तरफ पुलिस की ओर से करीब 15 मुकदमों में रिमांड लेने की तैयारी की सूचना है।

हालांकि, इन सभी मामलों में रिमांड की मांग, अदालत की अनुमति और पूछताछ की प्रक्रिया अलग-अलग होगी। अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि कितने मुकदमों में औपचारिक रूप से प्रार्थना पत्र दाखिल किए जाएंगे और किन मामलों में अदालत से अनुमति मिलेगी।

दीपावली के बाद ईडी की जांच और रामपुर पुलिस की संभावित रिमांड कार्रवाई आजम खां के लिए नई कानूनी चुनौती बन सकती है।

इससे पूर्व तीन बार जेल गए आजम

सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां की जेल यात्रा फरवरी 2020 में शुरू हुई। इसके बाद तीन बार जेल गए और हर बार रिहाई के बाद नई कानूनी मुश्किलों में घिर गए।

पहली बार 26 फरवरी 2020 को जेल गए और 20 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने पर बाहर आए। इस अवधि में 814 दिन जेल में रहे।

इसके बाद 516 दिन बाहर रहने पर 18 अक्टूबर 2023 को जन्म प्रमाणपत्र मामले में सजा के बाद फिर जेल गए। 23 सितंबर 2025 को रिहा हुए। दूसरी जेल अवधि 706 दिन रही।

महज 55 दिन बाद 17 नवंबर 2025 को दो पैन कार्ड मामले में सजा होने पर फिर जेल गए। 348 दिन बाद 31 अक्टूबर 2026 को बाहर निकले, लेकिन ईडी ने तत्काल गिरफ्तार कर लिया। तीनों जेल अवधियों का कुल जोड़ 1,868 दिन है।

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