सख्त अनुशासन के लिए जानी जाती हैं डॉ. निर्मला यादव, आवेदन करते ही मिली ट्रस्ट में शामिल होने की खुशखबरी
डॉ. निर्मला यादव श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बनी हैं, जो फिरोजाबाद की मूल निवासी हैं। पढ़ें डॉ. निर्मला यादव का करियर और फैमिली बैकग्राउंड-

HighLights
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बनीं।
प्राचार्या, पीएचडी धारक और सख्त अनुशासन के लिए जानी जाती हैं।
परिवार का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से गहरा संबंध।
जागरण टीम, अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी महिला को ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया है और यह खिताब हासिल करने वाली डॉ. निर्मला हैं, जो मूलरूप से फिरोजाबाद के शिकोहाबाद की रहने वाली हैं। निर्मला यादव वर्तमान में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ में अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख हैं।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि रामजी के मंदिर में सेवा करने का अवसर मिलने पर वह गौरव की अनुभूति कर रही हैं। आइए जानते हैं डॉ. निर्मला यादव का करियर और फैमिली बैकग्राउंड-
कौन हैं डॉ. निर्मला यादव?
66 वर्षीय डॉ. निर्मला यादव शिकोहाबाद की मूल निवासी हैं। हिंदी व एवं संस्कृत में परास्नातक और पीएचडी हैं। इस समय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ में अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख हैं। इससे पहले इस संगठन में यूपी की कोषाध्यक्ष रहीं। उन्हें पीएचडी थीसिस और एमए की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के साथ प्रशासनिक कार्यों का लंबा अनुभव है।
निर्मला यादव एमजी डिग्री कॉलेज तथा बीडीएम डिग्री कॉलेज में प्राचार्य रहीं हैं। जुलाई 2006 से जून 2022 तक एमजी गर्ल्स डिग्री कॉलेज की प्राचार्य रहते हुए सेवानिवृत्त हुईं। वह डाॅ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की कार्य परिषद सदस्य रहीं।
अनुशासनप्रिय हैं निर्मला यादव
कॉलेज में अनुशासन के मामले में वह काफी सख्त थीं। उनके कार्यकाल में काफी सुधार और विकास कार्य हुए। वह काफी समय से विश्व हिंदू परिषद के निधि समर्पण अभियान से जुड़ी हैं।
डॉ. निर्मला का फैमिली बैकग्राउंड
डॉ. निर्मला का मायका एटा में है। पति हरेंद्र सिंह यादव भाजपा के वरिष्ठ नेता थे और जिलाध्यक्ष सहित कई पदों पर रहे। उरावर हाउस में आरएसएस और जनसंघ से जुड़े पदाधिकारियों की बैठकें होती रही हैं। डॉ. निर्मला की एक बेटी श्वेता हैं। उनकी शादी राजस्थान के जोधपुर में हुई है। दामाद मुकेश यादव बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट हैं।

जेठानी बीना यादव ने बताया कि डॉ. निर्मला के प्राचार्या पद पर रहने के दौरान ही उनके पति का निधन हो गया था। उनके परिवार का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा से गहरा संबंध रहा है। ससुर सूर्य कुमार एयरफोर्स में स्क्वाड्रन लीडर और जनसंघ के विभाग प्रचारक थे।
मंगलवार को किया आवेदन, अगले ही दिन मिली जिम्मेदारी
निर्मला यादव ने मंगलवार को ही ट्रस्ट में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था उसके अगले ही दिन बुधवार दोपहर उन्हें ट्रस्ट में शामिल होने की सूचना मिली। इससे वे काफी हतप्रभ हुईं। सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही ट्रस्ट की ऑनलाइन मीटिंग हुई, जिसमें ट्रस्ट के पदाधिकारी और संत जुड़े थे।
मैंने पहले भी मुश्किलों का सामना किया है। मैंने लगभग 25 साल तक प्रिंसिपल के तौर पर काम किया है। मैंने कई मुश्किलों का सामना किया, लेकिन अपनी निष्पक्षता बनाए रखी और चुनौतियों का सामना किया। मेरी छवि हमेशा से यही रही है, मैं इसी छवि के साथ आगे भी काम करना चाहूंगी।
-डॉ. निर्मला यादव (एएनआई के इंटरव्यू में)
राम मंदिर आंदोलन से कनेक्शन
राम मंदिर निर्माण के लिए हुए निधि समर्पण अभियान से जुड़ी रहीं। डॉ. निर्मला के पति और ससुराल पक्ष के लोग 1975 से ही राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
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