पूर्व विधायक अजय कुमार और आईएएस अधिकारी राम बहादुर सपा में शामिल, अखिलेश यादव ने दिलाई सदस्यता
Samajwadi Party Joining: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इनको सदस्यता दिलाने के साथ कहा कि चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। आप सभी साथियों का आभार है।
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चुनाव नजदीक आने के समय बढ़ता जा रहा है समाजवादी पार्टी का कुनबा
नए साथियों के आने से पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी की राजनीति में हलचल : अखिलेश
डिजिटल डेस्क, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2027 में शानदार प्रदर्शन की मदद से सत्ता में वापसी करने का तैयारी में लगी समाजवादी पार्टी लगातार कुनबा बढ़ा रही है। पूर्व विधायक अजय कुमार व पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर सहित चार दर्जन से अधिक लोग सोमवार को समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये। इनको सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी की सदस्यता दिलाई।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में सोमवार को समाजवादी पार्टी में कई नेता शामिल हो गये। इनमें अजय कुमार (पूर्व विधायक), रामबहादुर पासी (पूर्व आईएएस अफसर), कुशाग्र सागर, कालीचरण, पूर्व सांसद प्रत्याशी दारा सिंह प्रजापति, प्रदीप पाण्डेय, रामशंकर गौतम, बलवीर पाल, सगीरा प्रवीण और आदित्य शर्मा (मुरादाबाद) के नाम हैं। मेरठ के जिला पंचायत सदस्य अश्वनी शर्मा भी भाजपा को छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इनको सदस्यता दिलाने के साथ कहा कि चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। आप सभी साथियों का आभार है। उन्होंने कहा कि नए साथियों के आने से पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी की राजनीति में हलचल है। PDA तो पहले से मजबूत है, लेकिन नए लोगों के जुड़ने से इसकी और ताकत बढ़ेगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि नए साथियों के आने से PDA परिवार का दायरा और बड़ा होगा। बसपा से आए दारा सिंह प्रजापति के साथ आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। भाजपा छोड़कर आए राम बहादुर को लेकर कहा कि पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने सेवा के दौरान अपनी अलग पहचान बनाई।
राम बहादुर ने समाज के लोगों को जोड़ने और उनके लिए काम करने का प्रयास किया। पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर पासी 2015 में रिटायर हुए हैं और बसपा सुप्रीमो मायावती के करीबी अफसर थे। राम बहादुर 2022 विधान सभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए और 2017 के विधान सभा चुनाव में लखनऊ की मोहनलालगंज सीट से बसपा उम्मीदवार रहे।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि नए साथियों को राजनीतिक सम्मान और उनके समर्थकों को जोड़कर समाजवादी पार्टी और आगे बढ़ाएगी। चुनाव नजदीक आ गया है तो आज की ज्वाइनिंग से पूरब और पश्चिम हिल गया है। पूरे यूपी में बड़ा संदेश गया है। आज पार्टी में शामिल होने वाले सब पीडीए के पक्ष में हैं और सभी पीडीए के पिलर हैं। इन साथियों के आने से सपा की जीत और बड़ी होने जा रही है। जिनके साथ दारा होंगे वही अखाड़ा जीतेगा।
आखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महर्षि बाल्मीकी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश होगा और जयंती बड़े स्तर पर मनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग सेवा से बाल्मीकि समाज लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। सपा सरकार में आउटसोर्सिंग सेवा को समाप्त करने का काम करेंगे।
वोटर लिस्ट में हेराफेरी कर रही भाजपा
सपा मुखिया ने कहा कि भाजपा वोटर लिस्ट में हेराफेरी और धांधली से वोट की डकैती करने से नहीं मान रही है। अब तो जैसे-जैसे वोटर लिस्ट के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है तो कई बड़े कांड सामने आ रहे हैं। इलेक्शन कमीशन को अब मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ रही है। एक नाम और कई जिलों में एंट्री हुई हैं। अब तो चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि कोई वोट न छूटने पाए।
दूर की जा सकती है गड़बड़ी
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर गड़बड़ी दूर की जा सकती है। सुनीता पत्नी राजेश की 420 इंट्री है, तो पूरे प्रदेश में 2341 एंट्री में मिल रही है। राजकुमारी पत्नी राजकुमार की एंट्री 1627 इंट्री है। वोटर लिस्ट के साथ मजाक किया जा रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि सपा की बड़ी मांग वोटर लिस्ट को आधार कार्ड से जोड़ा जाए। सरकार और चुनाव आयोग को यह फैसला ले लेना चाहिए। बायोमीट्रिक पहचान के लिए आधार से जोड़ा जाना चाहिए।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोला और कहा कि भाजपा के पास पता नहीं कौन सी मशीन है कि वोटिंग के दिन नकली आधार कार्ड बनाए जाते हैं। चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि कोई गड़बड़ी न रहने पाए। चुनाव आयोग भेदभाव करता है। हमारा संविधान बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है।
अखिलेश यादव की प्रेस कान्फ्रेंस में शिवपाल सिंह यादव के साथ इनके पुत्र आदित्य यादव भी मौजूद थे। दारा सिंह प्रजापति ने बसपा छोड़ सपा का दामन थामा। हीरालाल निषाद ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन की और बलवीर पाल भाजपा, अनिल पाल बसपा, मानिक दिवाकर भाजपा और जयपाल सिंह पाल बसपा व भाजपा को छोड़कर सपा के साथ आये। अमेरिका में प्रोफेसर रही समीरा परवीन ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन की।
