लखनऊ में बिना ड्राइवर दौड़ेगी मेट्रो, लखनऊ-कानपुर रेलखंड पर भी बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार
लखनऊ में जल्द ही ड्राइवरलेस मेट्रो दौड़ेगी, जो उन्नत तकनीक और एआई-आधारित सेंसर से लैस होगी।

HighLights
लखनऊ में ड्राइवरलेस मेट्रो 80 किमी/घंटा की गति से दौड़ेगी।
लखनऊ-कानपुर रेलखंड पर ट्रेनें 130 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ेंगी।
कैब सिग्नलिंग और कवच जैसी तकनीक सुरक्षा बढ़ाएगी।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। उन्नत तकनीक और दक्ष इंजीनियरिंग का मिश्रण लखनऊवासियों के जीवन की गति को और तेज करेगा। एक तरफ जहां आने वाले दिनों में लखनऊ में बिना ड्राइवर की मेट्रो दौड़ाने की तैयारी है, दूसरी तरफ लखनऊ-कानपुर रेलखंड पर कैब सिग्नलिंग जैसी तकनीक 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेनें दौड़ाने में सफल होगी। गोमतीनगर स्टेशन की मौजूदा विश्वस्तरीय डिजाइन अपग्रेड होती इंजीनियरिंग का उदाहरण है।
चारबाग से वसंत कुंज तक ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर प्रस्तावित ब्लू लाइन की मेट्रो में ट्रेन आपरेटर नहीं होगा। यह मेट्रो मानवरहित ट्रेन ऑपरेशन तकनीक से दौड़ेगी।
एआई आधारित सेंसर जैसी तकनीक से लैस मानवरहित मेट्रो 4.286 किमी लंबे एलिवेटेड और 6.879 किमी के भूमिगत सेक्शन पर पड़ने वाले कुल 12 स्टेशनों से होते हुए अधिकतम 80 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ेगी। पहले चरण में तीन बोगियों वाले कुल 15 मेट्रो सेट के लिए टेंडर जारी किया है। एक मेट्रो बोगी की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये और तीन बोगियों वाले मेट्रो सेट की लागत लगभग 40 करोड़ रुपये होगी।
पतंगबाजी से नहीं थमेगी गति
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर 750 वोल्ट की थर्ड लाइन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे पटरियों के ऊपर ओएचई लाइन के तारों का जाल नहीं होगा। पतंग में बंधे तार से ओएचई के संपर्क में आने से मेट्रो ट्रेनों के खड़े होने की घटना रुक सकेगी।
ट्रेनों के आमने सामने की टक्कर को रोकने के लिए कवच जैसी तकनीक उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की सभी ट्रेनों को सुरक्षा प्रदान करेगी। पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय ने पिछले दिनों गोरखपुर के आसपास इस तकनीक को अपनाकर ट्रेन संचालन को सुरक्षा का कवच प्रदान किया है।
बढ़ेगी ट्रेनों की गति
लखनऊ-कानपुर रेलखंड पर जल्द ही 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेनें दौड़ेंगी। रेलवे के सामने इस सेक्शन पर ट्रेनों की मौजूदा गति को बढ़ाने के लिए कई चुनौतियां हैं। रेलवे को 72 किलोमीटर लंबे रेलखंड के सभी घुमावदार मोड़ में बदलाव करना होगा।
