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मरीजों की जान बचाने वाली एंबुलेंस अनफिट, 772 के चालान; परिवहन विभाग की जांच में सामने आई नियमों की अनदेखी

Published: Sun, 11 Oct 2026 01:51 AM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग के तीन दिवसीय अभियान में 772 अनफिट एंबुलेंस का चालान किया गया और 135 को ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. परिवहन विभाग ने अनफिट एंबुलेंस पर तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया।

  2. अभियान में 772 एंबुलेंस का चालान, जबकि 135 को बंद कराया गया।

  3. मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अवैध वाहनों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। जिस एंबुलेंस से मरीज और उसके परिजन जिंदगी बचने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, उसकी अपनी सेहत ही ठीक न हो तो भरोसा कैसे किया जाए? प्रदेश में अनफिट और अवैध एंबुलेंस का धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग के तीन दिवसीय विशेष अभियान में अनफिट हो चुके 772 एंबुलेंस के चालान किए गए, जबकि 135 को बंद कराया गया।

प्रदेश के कई जिलों में अभियान के दौरान परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने निजी क्षेत्र में संचालित एंबुलेंस की जांच की। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की गई। एंबुलेंस का काम मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना है, लेकिन वाहन अनफिट हो या उसके जरूरी दस्तावेज पूरे न हों तो सफर के दौरान मरीज की सुरक्षा जोखिम में पड़ सकती है।

सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने को कहा

ऐसे में केवल आपातकालीन सेवा के नाम पर वाहनों को सड़क पर दौड़ने की छूट नहीं दी जा सकती। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने एंबुलेंस संचालकों से पंजीकरण, वैध परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र सहित सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने को कहा है।

साथ ही स्पष्ट किया है कि अवैध और अनफिट वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। हालांकि, बड़ी संख्या में एंबुलेंस पर कार्रवाई के बाद निगरानी जरूरी है, ताकि मरीजों की जान बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहन खुद उनकी सुरक्षा के लिए खतरा न बनें।