विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भोटेकोशी की बाढ़ पर नेपाल की संसद में गूंजा संकट, युद्धस्तर पर बचाव की मांग

Updated: Thu, 27 Aug 2026 09:43 AM (IST)

नेपाल की संसद में रसुवा की भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुए नुकसान पर चर्चा हुई। सांसदों ने ...और पढ़ें

सिंहदरबार स्थित संघीय संसद भवन में आयोजित प्रतिनिधिसभा की बैठक। सौ. इंटरनेट मीडिया

सिंहदरबार स्थित संघीय संसद भवन में आयोजित प्रतिनिधिसभा की बैठक। सौ. इंटरनेट मीडिया

HighLights

  1. भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ से भारी मानवीय क्षति।

  2. नेपाल संसद में सांसदों ने युद्धस्तर पर बचाव की मांग की।

  3. पुल, सड़कें, जलविद्युत संरचनाएं क्षतिग्रस्त, लापता लोगों की खोज।

संवाद सूत्र, भैरहवा (नेपाल)। रसुवा के भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई मानवीय और भौतिक क्षति का मामला बुधवार को नेपाल की प्रतिनिधिसभा में गूंजा। सांसदों ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए सरकार से युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान चलाने की मांग की। सांसदों ने कहा कि बाढ़ से कई बस्तियां, पुल, सड़कें और जलविद्युत संरचनाएं प्रभावित हुई हैं। कई लोगों के लापता होने की सूचना के बीच तत्काल हेलीकॉप्टर परिचालन कर खोज एवं बचाव तेज करने की जरूरत है।

प्रतिनिधिसभा की बैठक के आकस्मिक समय में नेपाली कांग्रेस के सांसद अर्जुननरसिंह केसी ने सरकार का ध्यान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की ओर आकृष्ट कराया। उन्होंने रसुवा, नुवाकोट, धादिङ और गोरखा सहित अन्य प्रभावित जिलों में बचाव, राहत, मुआवजा और पुनर्स्थापना का काम युद्धस्तर पर शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुई क्षति का पूरा आकलन अभी नहीं हो सका है और सरकार को बिना देर किए बचाव अभियान में पूरी ताकत झोंकनी चाहिए।

केसी ने बताया कि नुवाकोट में 12 से अधिक पक्के पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। रसुवा से निर्वाचित नेपाली कांग्रेस के सांसद मोहन आचार्य ने भोटेकोशी की बाढ़ को बड़ी आपदा बताते हुए राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क टूट जाने के कारण प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, इसलिए हेलीकाप्टर के माध्यम से ही प्रभावी बचाव अभियान चलाया जा सकता है।

उनके अनुसार रसुवागढ़ी से नीचे के तटीय क्षेत्रों की बस्तियां, पुल और जलविद्युत संरचनाएं बाढ़ की चपेट में आई हैं और बड़ी संख्या में मानवीय क्षति की आशंका है। नेकपा एमाले के सांसद प्रो. डा. पुष्पराज कंडेल ने कहा कि बाढ़ से मानवीय जीवन के साथ भौतिक संपत्ति और लोगों के मनोबल पर भी गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने सरकार से बचाव, राहत, पुनर्स्थापना और पुनर्निर्माण के कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया।

यह भी पढ़ें- नेपाल में तबाही के बाद UP में अलर्ट, भोटेकोशी की बाढ़ से नारायणी-कोसी उफान पर; बाल्मीकि बैराज पर मंडराया खतरा

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की सांसद बसुमाया तामाङ ने कहा कि बाढ़ से घर और खेत ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व के पुल, सीमा भंसार और जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। उन्होंने तत्काल हेलीकॉप्टर परिचालन कर लापता लोगों की खोज तथा विस्थापितों के लिए निशुल्क भोजन और अस्थायी आवास की व्यवस्था करने की मांग की। वहीं राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी की सांसद सरस्वती लामा समेत अन्य सांसदों ने प्रभावित नागरिकों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और लापता लोगों की खोज तेज करने की मांग की है।