छाता चीनी मिल आंदोलन: पुतला दहन को लेकर पुलिस और किसानों में तीखी झड़प, धरनास्थल छावनी में तब्दील
मथुरा के छाता चीनी मिल आंदोलन में विजयादशमी पर पुतला दहन को लेकर पुलिस और किसानों के बीच तीखी झड़प ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से पुतले छीनने का प्रयास किया।
आंदोलनकारियों ने खेत में पुतला दहन का दावा किया।
छाता चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की मांग।
जागरण संवाददाता, मथुरा। छाता स्थित चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन स्थल मंगलवार सुबह से छावनी बना दिया गया। आंदोलनकारियों द्वारा विजयादशमी पर चीनी मिल मंत्री और चार जनप्रतिनिधियों के पुतला दहन के एलान के बाद सुबह से ही माहौल गरमाया था।
शाम चार बजे पुलिस ने पुतले छीन लिए। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। आंदोलनकारियों ने वीडियो प्रसारित कर खेत में पुतला दहन का दावा किया है। 2008 से बंद पड़ी चीनी मिल को लेकर धरना 13 अगस्त से जारी है। 15 अगस्त को कैबिनेट ने चीनी मिल तीन चरणों में शुरू किए जाने को मंजूरी दे दी। पहले चरण में एथनाल प्लांट लगाया जाना है।
किसान पहले चीनी मिल शुरू करने की मांग पर अड़े हैं। आयोजकों ने विजयादशमी पर गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री, सांसद और चारों विधायकों के पुतले फूंकने की घोषणा की थी। मंगलवार सुबह से ही धरनास्थल पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
चार बजे आंदोलनकारी जनप्रतिनिधियों के मुखौटे लगे पुतला लेकर निकले। दहन से पहले पुलिस ने पुतले छीन लिए। इसको लेकर आंदोलनकारियों से तीखी नोकझोंक हुई। आंदोलन में शामिल महिलाएं भी पुलिस से भिड़ गईं, लेकिन पुतले नहीं बचा पाईं।
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पुलिस छुपाकर रखे गए पुतले उठा ले गई। एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार, एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने आंदोलनकारियों को समझाकर माहौल शांत कराया। मुख्य संचालक पूर्व सूबेदार ललित कर्मयोगी ने पुतला दहन स्थगित कर दिया। उधर, धरनास्थल से दूर एक खेत में किसी ने जनप्रतिनिधियों का मुखौटा लगा पुतला दहन कर दिया।
