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CM ने मथुरा से साधी UP की राजनीति: 'चवन्नी' पर अखिलेश को घेरकर जाटलैंड साधा, श्रीकृष्ण जन्मभूमि एजेंड से विपक्ष पर हमला

Published: Sat, 05 Sep 2026 03:07 PM (IST)

सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा दौरे पर हिंदुत्व और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के एजेंडे के साथ जाट भावनाओं को साधने की ...और पढ़ें

सीएम योगी आदित्यनाथ।

सीएम योगी आदित्यनाथ।

HighLights

  1. सीएम योगी ने मथुरा से हिंदुत्व एजेंडा साधा।

  2. अखिलेश के बयान पर जाट भावनाओं को भुनाया।

  3. पश्चिमी यूपी में चुनावी रणनीति तैयार की।

विनीत मिश्र, मथुरा। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कान्हा की नगरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आए तो इस बार तेवर पहले से अधिक आक्रामक दिखाई दिए। उन्होंने ब्रजभूमि से दो सियासी तीर चलाए, एक हिंदुत्व और श्रीकृष्ण जन्मभूमि एजेंडे का, दूसरा जाट भावनाओं का। इन दोनों एजेंडों के जरिए सीएम योगी की पश्चिम उत्तर प्रदेश को साधने की बड़ी रणनीति है।
अब तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर छह बार आ चुके सीएम योगी इस बार भी कान्हा के जन्म का उत्सव मनाने आए थे। लेकिन इस बार उनके सियासी तेवर काफी आक्रामक थे। न केवल उन्होंने हिंदुत्व का कार्ड खेला बल्कि सपा मुखिया अखिलेश यादव को भी एक तरह से चुनौती दे दी।

जन्मभूमि एजेंडा खोलकर विपक्ष को सीधी चुनौती से कान्हा की जन्मभूमि के एजेंडे में होने के संकेत

काशी-अयोध्या के बाद अब मथुरा की बारी... पहले भी यह बयान सीएम दे चुके हैं, लेकिन इस बार उनके बयान के कई निहितार्थ हैं। उन्होंने विपक्ष का नाम लिए बगैर कहा कि काशी, अयोध्या और कान्हा के ब्रज को अपमानित किया गया। सावन में उमड़ी कांवड़ियों की भड़ को हवाला देकर संकेत साफ दिया, चुनावी एजेंडे में कान्हा की जन्मभूमि फिर केंद्र में होगी। फिर कहा कि औरंगजेब और बाबर के अनुयायी, अयोध्या पर बोलने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर चुप क्यों हैं। यह भी हिंदुत्व की कसौटी पर विपक्ष को घेरने की रणनीति है।

अवसर में बदली विरोधी की चूक

सपा मुखिया अखिलेश यादव के रालोद पमुख जयन्त चौधरी को “चवन्नी से रुपया बनाया” कहने वाले बयान को सीएम योगी ने बिना नाम लिए भुनाया। उन्होंने इसे सिर्फ जयन्त चौधरी का अपमान नहीं, बल्कि लोकतंत्र, किसानों और चौधरी चरण सिंह की विरासत का अपमान करार दिया। यह वही भाषा जो अब तक रालोद खुद इस्तेमाल करती रही है। जाटलैंड मथुरा में योगी का यह बयान एक तरह से कान्हा की धरा से जाट वोटर और पश्चिम उत्तर प्रदेश को साधने की रणनीति मानी जा रही है। हालांकि एनडीए में रालोद भाजपा का सहयोगी दल है।

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दमदारी से फिर बनाएंगे प्रदेश में सरकार

मथुरा दौरे के दौरान एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में योगी ने दमदारी से तीसरी बार प्रदेश में फिर सरकार बनाने का एलान कर कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने साफ कहा कि अब जो विकास कर रहे हैं, रोजगार दे रहे हैं, वह 2017 के पहले भी हो सकता था, लेकिन क्यों नहीं हुआ। यह भी पूर्व सीएम अखिलेश यादव को घेरने की रणनीति का बड़ा हिस्सा है।

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