मेरठ में जर्जर मकान गिरा, मलबे में दबी व्यापारी की कार... बरसात के दौरान हुआ हादसा
मेरठ के शारदा रोड पर बरसात के दौरान एक जर्जर मकान गिर गया, जिसके मलबे में सड़क किनारे खड़ी एक व्यापारी की कार दब गई।

मेरठ में रविवार को बरसात के दौरान मकान गिरने से मलबे में दबी कार। जागरण
HighLights
बरसात में मेरठ के शारदा रोड पर जर्जर मकान गिरा।
मलबे में दिल्ली के व्यापारी की खड़ी कार दब गई।
नाला निर्माण से नींव कमजोर होने का लगा आरोप।
जागरण संवाददाता, मेरठ। शारदा रोड पर रविवार को बरसात के दौरान जर्जर मकान भरभराकर गिर गया। उसके मलबे में सड़क पर खड़ी कार दब गई। गनीमत रही कि उसमें कोई बैठा नहीं था। वहां से गुजर रहे लोग मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे। हादसे के दौरान आसपास मौजूद दुकानदारों में खलबली मच गई।
हुआ यूं कि रविवार को दोपहर के समय बरसात के दौरान मकान का काफी हिस्सा भरभराकर गिर गया। सामने शिवम साड़ी सेंटर सहित रेस्टोरेंट और अन्य दुकानें हैं। मकान के पास रोड के किनारे दिल्ली के एक व्यापारी नीमेष गुप्ता की कार खड़ी थी। मकान में रखी टीनशेड और दीवार का मलबा आकर कार की बोनट पर गिर गया। जिसे हटाने के लिए जेसीबी मंगाई गई। मौके पर पुलिस पहुंच गई। यह मकान दिल्ली चुंगी निवासी सोहन लाल गोयल का है।
जर्जर होने के बाद से खाली कर दिया था। उसमें कोई रहता नहीं था। मकान गिराऊ है, ये पोस्टरलगा दिया गया था। व्यापारी का आरोप है कि नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे सीएम ग्रिड योजना के तहत नाला निर्माण के दौरान मकान की नींव से सटाकर खोदाई कर दी गई, जिससे मकान की सामने की दीवार तिरछी हो गई थी। मकान की सभी दीवारों में नाले के पानी की वजह से धीरे-धीरे दरारें बढ़ती गई और रविवार को मकान का काफी हिस्सा धराशायी हो गया।
मकान मालिक सोहनलाल गोयल का कहना है कि डीएम, एसएसपी और नगर निगम को पत्र लिखकर नाले की वजह से मकान जर्जर होने और दरार आने की स्थिति की जानकारी दी गई थी। मकान गिरने की आशंका व्यक्त की गई थी। मुआवजे की मांग भी की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
ये है पूरा मामला
शारदा रोड स्थित संपत्ति के मालिक सोहन लाल गोयल की पत्नी मंजू गोयल ने नगर आयुक्त को लिखे पत्र में अवगत कराया था कि नगर निगम द्वारा सड़क किनारे नाला निर्माण का कार्य कराया गया था। इस कार्य के कारण पुरानी इमारत और भी अधिक जर्जर स्थिति में पहुंच गई है।
किरायेदार नहीं कर रहा दुकान खाली
भवन स्वामी का आरोप है कि भूतल पर बनी दुकान में अमन कुमार पुत्र सतीश कुमार बतौर किरायेदार काबिज है। मकान और दुकान की स्थिति अत्यंत खतरनाक होने के बावजूद किरायेदार दुकान खाली करने को तैयार नहीं है। जिसके कारण भवन स्वामी खुद इसे नहीं गिरवा पा रहे हैं।
हादसे की जताई थी आशंका
पत्र में उल्लेख किया गया है कि आगामी बारिश के मौसम में यह जर्जर बिल्डिंग कभी भी अचानक गिर सकती है जिससे आसपास के लोगों और राहगीरों के जान-माल को बड़ा नुकसान हो सकता है।
प्रशासनिक अधिकारियों से हस्तक्षेप की थी गुहार
भवन स्वामी ने स्पष्ट किया था कि यदि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई और कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी नगर निगम की होगी। इस शिकायत पत्र जिलाधिकारी , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और थानाध्यक्ष ब्रह्मपुरी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए दिया गया था।
