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निखिल ने की मां-भाई के शवों की पहचान, यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसे में BJP नेता की पत्नी और बेटे की जलकर हुई थी मौत

Published: Fri, 25 Sep 2026 01:50 PM (IST)

यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड में नौ लोगों की मौत के मामले में शुक्रवार को दो और शवों की पहचान हुई। ...और पढ़ें

सुनीता और शशांक की फाइल फोटो।

सुनीता और शशांक की फाइल फोटो।

HighLights

  1. यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड में दो शवों की पहचान

  2. भाजपा नेता नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता और बेटे शशांक

  3. छोटे बेटे निखिल ने की मां-भाई के शवों की पहचान

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से झुलसकर हुई नौ लोगों की मौत के मामले में शुक्रवार को दो और शवों की पहचान हो गई। इनमें महोबा निवासी सुनीता और बेटे शशांक शामिल हैं।

नोएडा सेक्टर 94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल (पूर्व सांसद) हमीरपुर (बुंदेलखंड) भी पहुंच गए। उन्होंने बताया कि सुनीता के पति नीरज गुप्ता कई वर्षों से भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं।

सुनीता इन दिनों बेटे शशांक के पास दिल्ली में रहने आयी हुई थीं। उनके छोटे बेटे निखिल ने भाई शशांक और मां सुनीता के शव की पहचान की। पोस्टमार्टम के बाद स्वजन दोनों के शवों को ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।

नौ लोगों की चिता बन गई चलती बस

डबल डेकर एसी स्लीपर बस में सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने नौ यात्रियों की जान ले ली। दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही राज कल्पना ट्रैवल्स की बस बुधवार देर रात करीब 12 बजे जैसे ही जेवर कोतवाली क्षेत्र में पहुंची, यात्रियों को कुछ जलने की गंध महसूस हुई।

उन्होंने चालक-परिचालक को आगाह भी किया, लेकिन किसी ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया। उस समय चालक-परिचालक बीड़ी पी रहे थे। चालक ने तो यहां तक कह दिया कि मरना है तो मरो, बस नहीं रुकेगी और कुछ ही देर में चालक सीट के पास से लपटें उठने लगीं।

कमाई के लालच में बस में ज्वलनशील पदार्थ नेल पालिश, कपड़े, धागे और बड़ी मात्रा में शादी के कार्ड भी ढोए जा रहे थे, जिससे आग तेजी से भड़क गई और एसी यूनिट में धमाका हो गया। बस में करीब 35 यात्री थे। धुआं भरने व गेट लाक होने के बीच यात्रियों को आपातकालीन द्वार भी नजर नहीं आया।

26 यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर जान बचाई

26 यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर कूदकर जान बचाई, जबकि नौ यात्री अंदर ही फंस गए। दमकल विभाग द्वारा करीब पांच घंटे चलाए गए रेस्क्यू आपरेशन के बाद बस की बाडी काटकर शवों को बाहर निकाला गया। तब तक वे कंकाल बन चुके थे।

मृतकों में हमीरपुर निवासी सरोज गुप्ता, मयंक गुप्ता व ऊषा देवी, उरई जालौन के हरिशरण गुप्ता, हिसार के देवेंद्र सहाय भारद्वाज और छतरपुर (मप्र) की श्रुति रावत शामिल हैं। पुलिस ने टिकट बुकिंग डिटेल के आधार पर मृतकों के स्वजन को पोस्टमार्टम हाउस बुलाया है।

जिन शवों की पहचान नहीं हुई है, डीएनए जांच से उनकी पहचान की जाएगी। पुलिस ने लापरवाही बरतने के आरोप में कानपुर देहात निवासी चालक योगेश व पवन, परिचालक रोहित और शामली निवासी बस मैनेजर विकास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

जांच में चालक-परिचालक के शराब पीने की भी पुष्टि हुई है। बस में सवार हासिर ने बताया कि आग भड़की तो चालक-परिचालक फरार हो गए। आगे बैठे यात्री तो किसी तरह निकल गए, लेकिन पीछे बैठे आठ-नौ यात्री आग की लपटों से घिरने के कारण निकल ही नहीं पाए।

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