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जौहर यूनिवर्सिटी केस: आजम खान के बाद अब करीबियों पर कसेगा ED का शिकंजा, लखनऊ बुलाकर हुई पूछताछ

Published: Thu, 29 Oct 2026 02:00 AM (IST)

जौहर विश्वविद्यालय की संपत्ति कुर्क होने के बाद अब ईडी सपा नेता आजम खां के करीबियों पर शिकंजा कस रही ...और पढ़ें

आजम खान

आजम खान

HighLights

  1. जौहर विश्वविद्यालय में काला धन लगे होने के आरोप की चार साल से जांच कर रही थी ईडी

  2. शहर विधायक आकाश सक्सेना ने की थी शासन में शिकायत

जागरण संवाददाता, रामपुर। सपा नेता आजम खान की जौहर विश्वविद्यालय की संपत्ति को भले अब कुर्क किया है, लेकिन इस पटकथा की शुरुआत पांच साल पहले एक शिकायत के रूप में शहर विधायक आकाश सक्सेना ने लिख दी थी।

विधायक द्वारा साल 2021 में शासन स्तर पर की गई शिकायत में जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में करोड़ों रुपये के काले धन को खपाने, सरकारी धन का दुरुपयोग करने और फर्जी फर्मों के जरिए लेन-देन करने के आरोप लगाए थे।

उनकी शिकायत पर जांच ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम पहली बार वर्ष 2022 में रामपुर आई थी। इसके बाद इसी साल दो बार टीम यहां आई।

इसमें पहली बार 19 अगस्त 2026 को ईडी के अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने सुबह सात बजे एक साथ आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी समेत आधा दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की थी।

टीम ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, सीके एसोसिएशन के डायरेक्टर पवन कुमार जैन के गंगापुर आवास विकास कालोनी स्थित आवास, सीके एसोसिएट के ज्वाला पैलेस पीपल टोला स्थित कार्यालय, सिविल लाइंस क्षेत्र शौकत रोड स्थित इलाही मस्जिद के सामने ए एंड एस इंटरप्राइजेज और गंज कोतवाली क्षेत्र में जेल रोड बाग छोटे स्थित शाहीन खां के आवास पर छापा मारकर कई लोगाें से पूछताछ की थी।

ये सभी वे फर्म हैं, जिन्होंने जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में ठेकेदारी की है या प्रदेश में अन्य सरकारी कार्यों के ठेकों के बदले विश्वविद्यालय को मोटा चंदा दिया है। इनमें अनवार और सालिम को ईडी कई बार लखनऊ बुलाकर पूछताछ कर चुकी है।

ये दोनों ही आजम खान के बेटे अब्दुल्ला के दोस्त हैं और आजम परिवार के बेहद करीबी हैं। दोनों के खिलाफ भी कई मुकदमे चल रहे हैं। दोनों ही जमानत पर बाहर हैं।

इसके अगले माह 13 अक्टूबर 2026 को ईडी फिर रामपुर आई और सीधे जेल में बंद आजम खान से मिलने पहुंच गई थी। जिला कारागार में ईडी की टीम ने आजम खान से आठ घंटे तक पूछताछ की थी।

इसी रात आजम खान के खिलाफ ईडी की ओर से अजीमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसकी जांच सीओ टांडा पंकज पंत को सौंपी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि विवेचना अधिकारी द्वारा जांच की जा रही है। ईडी जांच के संबंध में जो भी दस्तावेज देंगे, उन्हें विवेचना में शामिल किया जाएगा।

शत्रु संपत्ति व किसानों की जमीनों पर कब्जा कर बनाया था विश्वविद्यालय

आजम खान पर आरोप है कि उन्होंने शत्रु संपत्ति व किसानों की जमीनों पर कब्जा कर वहां जौहर विश्वविद्यालय का निर्माण किया था। विश्वविद्यालय को मौलाना मुहम्मद अली जौहर ट्रस्ट संचालित करता है। उसके नाम ही सारी जमीनें हैं।

आजम खान पहले इस ट्रस्ट के अध्यक्ष थे। सजा होने के बाद उन्होंने अध्यक्ष पद छोड़ दिया था। सरकार ने 2005 में जौहर ट्रस्ट को 12.50 एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदने की अनुमति दी थी। तब कुछ शर्तें भी लगाई थीं।

ट्रस्ट ने तब कहा था कि वह गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दिलाएगी और चैरिटी का कार्य करेगी। लेकिन, इन शर्तों का अनुपालन न करने का आरोप लगाते हुए भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर दी थी।

शासन के आदेश पर प्रशासन ने जांच कराई तो शर्तों के उल्लंघन की बात सही पाई गई। इसके बाद शर्तों का उल्लंघन करने पर मुकदमा दायर कर दिया गया। अपर जिलाधिकारी की अदालत में मुकदमा चला।

मुकदमे की सुनवाई के बाद जनवरी 2022 में अपर जिलाधिकारी न्यायालय ने शर्तों का उल्लंघन करने पर 12.50 एकड़ से ज्यादा जमीन सरकार के खाते में दर्ज कराने के आदेश दे दिए थे। इसके विरोध में जौहर ट्रस्ट हाईकोर्ट चला गया, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। बाद में जौहर ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट चला गया।

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