गांव का हुनर, डिजिटल बाजार! महिलाओं की बढ़ेगी आमदनी; 'उद्यम सखियां' बनेंगी लोकल से ग्लोबल की कड़ी
Saharanpur News: सहारनपुर जिले में ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बड़े बाजार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने के लिए 230 उद्यम सखियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

AI जेनरेटिड फोटो।
HighLights
सहारनपुर की 230 उद्यम सखियों को लखनऊ में दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण।
डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और पैकेजिंग की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को ऑनलाइन बाजार तक पहुंचाना मुख्य लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जिले के गांवों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के बनाए उत्पाद अब स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रहेंगे। अचार, पापड़, मसाले, सिलाई-कढ़ाई समेत अन्य घरेलू उत्पादों को बड़े बाजार और ऑनलाइन प्लेटफार्म तक पहुंचाने के लिए जिले में 230 उद्यम सखियां तैयार की जा रही हैं।
इन उद्यम सखियों को लखनऊ में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें डिजिटल मार्केटिंग, ई-कामर्स, उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन भुगतान प्रणाली की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
डीसी एनआरएलएम धीरेंद्र यादव ने बताया कि उद्यम सखियों को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने हुनर के दम पर विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार कर रही हैं, लेकिन बाजार और प्रचार-प्रसार के अभाव में उन्हें अपेक्षित आमदनी नहीं हो पाती।
ऐसे में उद्यम सखियां समूहों और बाजार के बीच कड़ी का काम करेंगी। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उद्यम सखियां गांव-गांव जाकर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को कारोबार बढ़ाने में सहयोग करेंगी।
वे उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, कीमत निर्धारण और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के संबंध में महिलाओं को मार्गदर्शन देंगी। अचार, पापड़, मसाले, सिलाई-कढ़ाई के सामान के साथ ही समूहों की ओर से तैयार किए जाने वाले अन्य स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। उद्यम सखियां इन उत्पादों को स्थानीय बाजारों के साथ आनलाइन प्लेटफार्म तक पहुंचाने में मदद करेंगी।
आज के दौर में ऑनलाइन बाजार कारोबार बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम बन रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए उद्यम सखियों को ई-कामर्स प्लेटफार्म के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। उन्हें उत्पादों की आनलाइन लिस्टिंग, फोटो और विवरण तैयार करने, डिजिटल माध्यम से प्रचार करने और ग्राहकों तक उत्पाद पहुंचाने के तौर-तरीके बताए जाएंगे।
इसके साथ ही ब्रांडिंग और आकर्षक पैकेजिंग पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों की बाजार में अलग पहचान बन सके। ऑनलाइन भुगतान प्रणाली की जानकारी देकर डिजिटल लेनदेन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
