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शाहजहांपुर: मलिहाबाद चोरी कांड में दबिश देने गई पुलिस पर सर्राफ की हत्या का आरोप, 6 पुलिसकर्मियों पर दर्ज हुई FIR

Updated: Wed, 19 Aug 2026 09:00 PM (GMT+05:30)

शाहजहांपुर में चोरी के जेवर खरीदने के आरोपी सर्राफ उमेश गुप्ता की पुलिस दबिश के दौरान छत से गिरकर मृत्यु हो गई। पत्नी ने छह अज्ञात पुलिसकर्मियों पर जब ...और पढ़ें

घटनास्थल पर पहुंचे एसपी सिटी देवेंद्र कुमार और इनसेट में उमेश गुप्ता का फाइल फोटो

घटनास्थल पर पहुंचे एसपी सिटी देवेंद्र कुमार और इनसेट में उमेश गुप्ता का फाइल फोटो

HighLights

  1. मलिहाबाद में गत वर्ष दुकान से चोरी हुए जेवर की खरीद के मामले में जारी हुआ था वारंट

  2. पत्नी का आरोप, पुलिसकर्मियों ने घर में घुसकर पति को पकड़ा, उसके बाद छत पर ले जाकर नीचे फेंका

संवाद सूत्र, निगोही (शाहजहांपुर)। चोरी के जेवर खरीदने के आरोपित सर्राफ उमेश गुप्ता उर्फ गुड्डू के घर मलिहाबाद थाने की पुलिस रात ढाई बजे दरवाजा खुलवाकर घुस गई। पहले तो वारंट तामील कराने की बात कही, लेकिन अंदर पहुंचते ही तलाशी शुरू कर दी। इस बीच उमेश की छत से गिरकर मृत्यु हो गई।

उनकी पत्नी संतोष कुमारी ने छह अज्ञात पुलिसकर्मियों पर घर में जबरन घुसने, पति को पकड़कर छत पर ले जाने और वहां से नीचे फेंककर हत्या का आरोप लगाया, जिसके आधार पर संबंधितों के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। एसपी सौरभ दीक्षित ने जांच कर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

दिसंबर 2025 में मलिहाबाद के फजल ज्वैलर्स की दुकान में चोरी हुई थी। जांच में उमेश गुप्ता का भी नाम सामने आया था। पुलिस का आरोप था कि उन्होंने चोरी हुए जेवर खरीदे थे। इस मामले में चार माह पूर्व टीम यहां आई थी, लेकिन उस समय बिना कार्रवाई वापस चली गई।

इस प्रकरण में उमेश के विरुद्ध लखनऊ के अपर सिविल जज कोर्ट से पिछले दिनों वारंट जारी हुआ, जिस पर थाने से पुलिस टीम दबिश देने आई थी। उमेश की पत्नी संतोष कुमारी ने बताया कि रात ढाई बजे छह पुलिसकर्मी आए और दरवाजा खटखटाने लगे।

पूछने पर बताया कि लखनऊ से आए हैं, वारंट तामील कराना है। उन्होंने कहा कि पति घर पर नहीं हैं। रात में वारंट लेकर आने का क्या मतलब है, जिस पर एक सिपाही ने कहा कि वह निगोही थाने से आया है। सिर्फ वारंट रिसीव कर लो।

इन्कार करने पर दरवाजा तोड़ने की धमकी दी, जिससे वह डर गईं। जैसे ही कुंडी खोली पुलिसकर्मी धड़धड़ाते हुए अंदर घुस आए और पति को पकड़ लिया। उन्हें छत पर ले गए और नीचे फेंक दिया। जिससे उनकी मृत्यु हो गई।

संतोष ने बताया कि पुलिस उनके पति को परेशान करके धन उगाही करती थी। जिसकी शिकायत उन्होंने उच्चाधिकारियों से की थी। इसलिए पुलिसकर्मी रंजिश मानने लगे और उनके पति की हत्या कर दी।

संतोष ने पुलिसकर्मियों पर घर में तलाशी के दौरान जेवर व नकदी ले जाने का भी आरोप लगाया। लगभग दो घंटे बाद पहुंचे प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार पंचनामा भरवाने लगे तो विरोध किया। कहा कि पहले कभी वारंट या समन नहीं आया। रात में भी वारंट नहीं दिखाया गया।

दिन की बजाय रात में पुलिस क्यों भेजी गई। दोपहर 12 बजे सीओ सदर शुभम वर्मा, सीओ पुवायां प्रवीण मलिक पहुंचे। संतोष ने कहा कि पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होने पर ही शव उठने देंगी। सीओ के अश्वासन पर एक बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।

इसके बाद छह अज्ञात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध जबरन घर में घुसने व हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई होगी।

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