शामली विधायक का रिपोर्ट कार्ड: विकास के दावों के बीच जाम, गंदगी और जलभराव से परेशान हैं लोग
Uttar Pradesh MLA Report Card: शामली विधायक प्रसन्न चौधरी का कहना है कि उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर का चौतरफा विकास सुनिश्चित किया है। हालां ...और पढ़ें

शामली विधानसभा क्षेत्र
HighLights
विधायक प्रसन्न चौधरी के कार्यकाल में हाईवे पर सर्विस रोड और कई परियोजनाओं मिली स्वीकृति।
शामली शहर के लोग कूड़े के ढेर, आवारा पशुओं, टूटी सड़कों और जलभराव से हैं त्रस्त।
जागरण संवाददाता, शामली। वर्ष 2022 में शहर की जनता ने प्रसन्न चौधरी को पहली बार विधायक चुनकर विधानसभा भेजा था। जिले की सदर विधानसभा क्षेत्र में रालोद विधायक प्रसन्न चौधरी के कार्यकाल के दौरान औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचे में बदलाव देखने को मिले हैं।
चीनी मिल का ग्रुप बदलाव, नेशनल हाईवे पर सर्विस रोड का निर्माण और खेल-शिक्षा परियोजनाओं की स्वीकृति उनकी प्रमुख उपलब्धियां हैं, जबकि शहर में जाम, नाला गंदगी, परिवहन और जलभराव आज भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरिडोर (Delhi-Dehradun Economic Corridor) के निर्माण के दौरान स्थानीय गांवों और व्यापारियों की सहूलियत को प्राथमिकता दी गई। विधायक प्रसन्न चौधरी का दावा है कि उनकी सक्रिय पैरवी से हाईवे के दोनों तरफ गांव लांक से लेकर हाथी करौदा तक लगभग 12 किमी सर्विस रोड का निर्माण कराया।
विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय और अत्याधुनिक कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण कराया है। स्वास्थ्य सेवाओं में क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना कराई है। विधायक के प्रयासों से अटके खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए 20.35 करोड का बजट जारी हुआ।
गांव लिसाढ़ में 1.25 करोड़ रुपये की लागत से बाईपास निर्माण को मंजूरी दिलाई गई है। कस्बा बनत में शामली-मुजफ्फरनगर रोड से लेकर बनत सेहटा मार्ग तक 1.20 करोड़ की लागत से नई सड़क का निर्माण कार्य कराया है। गांव भनेड़ा से एलम मार्ग का चौड़ीकरण कार्य भी कराया।
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शामली से भौरा मार्ग पर कृष्णा नदी के ऊपर पुल निर्माण कराया। गांव कनियान में इंडोर कबड्डी खेल स्टेडियम का निर्माण, गांव हसनपुर में मेरठ करनाल रोड से रविदास मंदिर तक 4.25 करोड़ की सड़क स्वीकृत कराई गई, वहीं विधायक ने 2022 में तीन करोड़ व इसके बाद पांच-पांच करोड़ सालाना मिले है।
वर्तमान वर्ष में उन्हें 2.5 करोड़ रुपये मिले है, जबकि 2.5 करोड़ पिछले बचे थे, विस क्षेत्र में कई काम कराने के बाद अब उनकी निधि में 29 लाख रुपये बाकी है, लेकिन शहरी क्षेत्र आज भी समस्याओं से जूझ रहा है।
शामली नगर की सबसे विकराल समस्या यहां की ध्वस्त यातायात व्यवस्था है। आज तक न तो हाईटेक रोडवेज बस स्टेशन व वर्कशाप बन सकी और न ही बसों की समुचित व्यवस्था है। छह हाईवे के शहर में शाम सात बजे के बाद रोडवेज सेवाएं ठप रहती हैं। वहीं अतिक्रमण से लोग बेहाल हैं।
नगर में व्यवस्थित और आधुनिक पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। जलभराव की समस्या से हल्की सी बरसात होते ही नगर के अधिकांश इलाके टापू में तब्दील हो जाते हैं। नालों की समय से सफाई न होना और जल निकासी की कोई मुकम्मल योजना न होना मुख्य कारण है।
शहर का चौतरफा विकास सुनिश्चित किया: विधायक
शहर विधायक प्रसन्न चौधरी का कहना है कि अपने कार्यकाल में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर का चौतरफा विकास सुनिश्चित किया है। किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की व्यवस्था दुरूस्त कराई गई है। 12 किमी की सर्विस रोड से ग्रामीणों का सफर सुरक्षित हुआ है। खेल स्टेडियम, केंद्रीय विद्यालय और क्रिएटिव ट्रामा सेंटर जैसे बड़े संस्थान शामली के भविष्य को संवारेंगे। जलभराव और जाम की समस्या के स्थाई समाधान के लिए हम एक व्यापक ड्रेनेज प्लान के प्रस्ताव पर कार्य कर रहे है।
विकास के सारे दावे खोखले: बसपा प्रत्याशी
विधानसभा चुनाव में तीसरे स्थान पर रहने वाले बसपा प्रत्याशी रहे बिजेंद्र मलिक ने कहा कि विधायक के विकास के सारे दावे खोखले हैं। चीनी मिल का ग्रुप परिवर्तन पूरी तरह से व्यावसायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हुआ है। खेल स्टेडियम और ट्रामा सेंटर का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, वे अभी तक आम जनता के लिए पूरी तरह चालू नहीं हो पाए हैं।
उन्होंने कहा कि शामली शहर आज कूड़े के ढेर, आवारा पशुओं, टूटी सड़कों और जलभराव से त्रस्त है। रोडवेज बसों की समस्याएं, भ्रष्टाचार पर कोई आवाज नहीं उठाई गई है। शहर की समस्या को सुलझाने के लिए विधायक के पास कोई विजन नहीं हैं।
जनता कहिन
त्रिवेणी ग्रुप द्वारा गन्ना भुगतान समय से होने के कारण बाजार में रुपया आ रहा है, इससे व्यापार को लाभ हुआ है, लेकिन शहर में पार्किंग न होने और रोडवेज बसों की कमी से व्यापार चौपट हो रहा है। शहर में पार्किंग और बसों को लेकर ठोस काम करना चाहिए।
-रवि जैन, व्यापारी
सर्विस रोड मिलने से किसानों को काफी राहत मिली है। ट्रैक्टर-ट्राली लेकर आराम से खेतों से फसलें शहर ला सकते हैं। अब शामली चीनी मिल का समय से पेमेंट मिल रहा है, लेकिन गांवों के भीतरी रास्तों की हालत अभी भी खस्ता है, इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
-रमेश मलिक, किसान
केंद्रीय विद्यालय खुलने से बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सकेगी, लेकिन शहर में जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। वर्षा के दिनों में जलभराव से आवागमन का मुश्किल हो जाता है। जल निकासी की कोई स्थाई व्यवस्था नहीं होगी।
-नवीन मित्तल, नागरिक
स्टेडियम के लिए बजट जारी होना और ट्रामा सेंटर का बनना युवाओं और स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतरीन कदम है, लेकिन हाईटेक रोडवेज बस अड्डे का निर्माण 14 साल बाद भी नहीं हुआ है। शहर में पार्किंग व अतिक्रमण की समस्याएं भी दूर नहीं हो सकी है।
-सत्येंद्र, नागरिक