विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

खाकी की आड़ में हैवानियत: पिता-पुत्र को यातनाएं देकर मारने के मामले में बर्खास्त सिपाही, उसका पिता व भाई समेत 4 दोषी करार

By Abhishek Kaushik Edited By: Praveen Vashishtha
Updated: Fri, 14 Aug 2026 12:33 PM (IST)

Shamli News: शामली में पैसों के विवाद में पिता-पुत्र की हत्या के मामले में काेर्ट ने बर्खास्त सिपाही विक्रांत, उसके पिता, भाई और एक अन्य को दोषी करार दिया गया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने यह फैसला सुनाया, जिसमें 17 अगस्त को सजा पर निर्णय होगा।

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1.  पांच अप्रैल 2022 को शामली के गांव में बंधक बनाकर दी थीं यातनाएं

  2. पिता-पुत्र की हत्या करने के बाद जंगल में फेंक दिए थे शव

  3. कोर्ट इस मामले में सजा पर फैसला 17 अगस्त को सुनाएगी

संवाद सूत्र, कैराना (शामली)। पैसों की विवाद में मेरठ के कंकरखेडा निवासी पिता-पुत्र को बंधक बनाकर यातनाएं देने और गोली मारकर हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी एसटी) सुरेंद्र कुमार राय ने पुलिस के बर्खास्त सिपाही विक्रांत, उसके पिता वीरेंद्र, भाई अर्जुन और एक अन्य अभियुक्त मोनू को हत्या का दोषी करार दिया है।

छह अप्रैल 2022 को मेरठ की न्यू सैनिक विहार कालोनी, कंकरखेड़ा की सुरेश देवी ने थाना कांधला पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि बेटे भूपेंद्र ने कांधला के मखमूलपुर निवासी सिपाही विक्रांत से दो लाख रुपये उधार लिए थे। बाद में विक्रांत 5.8 लाख वापस मांग रहा था। एक दिन पहले पांच अप्रैल को मुजरिमों ने उसके बेटे भूपेंद्र, पोते अर्जुन को अपने गांव बुलाया था।

मुजरिमों ने उन्हें बंधक बनाकर यातनाएं दी। बाद में पिता को मेरठ से पैसे लाने के लिए भेज दिया। उसने डायल 112 पर काल करके पुलिस को बुला लिया था। पुलिस की मौजूदगी में ही सिपाही विक्रांत और उसके परिवार के लोगों ने भूपेंद्र और अर्जुन को अपनी गाड़ी में डाल लिया। यह कह कर ले गए कि थाने लेकर जा रहे हैं। मुजरिम थाने नहीं पहुंचे।
भूपेंद्र और अर्जुन की गोली मारकर हत्या करने के बाद शवों को गांव सल्फा के जंगल में फेंक दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के सिर और सीने में गोली मारने की बात सामने आई थी।

बाद में पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। मुजरिम तभी से मुजफ्फरनगर जेल में बंद हैं। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिए थे। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार राय ने मुजरिम विक्रांत, अर्जुन, वीरेंद्र और मोनू को हत्या का दोषी करार दिया। सजा पर फैसला 17 अगस्त को सुनाया जाएगा।