इलेक्ट्रिक वाहन के शोध में आइआइटी बीएचयू और मिशिगन विश्वविद्यालय की साझेदारी
आईआईटी बीएचयू और मिशिगन विश्वविद्यालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों और सतत मोबिलिटी में शोध को नई दिशा देने के लिए समझौता ...और पढ़ें

आइआइटी बीएचयू और मिशिगन विश्वविद्यालय का इलेक्ट्रिक वाहन शोध में ऐतिहासिक समझौता।
HighLights
आईआईटी बीएचयू और मिशिगन विश्वविद्यालय ने इलेक्ट्रिक वाहन शोध हेतु समझौता किया।
संयुक्त शोध, तकनीकी नवाचार और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
ईवी सिस्टम, ई-मोबिलिटी, उन्नत सामग्री पर केंद्रित होगा शोध।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। इलेक्ट्रिक वाहनों और सतत मोबिलिटी के क्षेत्र में शोध को नई दिशा देने के लिए आइआइटी बीएचयू और अमेरिका के यूनिवर्सिटी आफ मिशिगन, एन आर्बर के बीच समझौता हुआ है। दोनों संस्थानों ने संयुक्त शोध, तकनीकी नवाचार और अकादमिक सहयोग को बढ़ाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए। समझौते से इलेक्ट्रिक व्हीकल सिस्टम, ई-मोबिलिटी और उन्नत सामग्री क्षेत्र में नए शोध अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
यूनिवर्सिटी आफ मिशिगन के इलेक्ट्रिक व्हीकल सेंटर में हुए कार्यक्रम में आइआइटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा और यूनिवर्सिटी आफ मिशिगन के एसोसिएट डीन रिसर्च प्रो. टाड एलन ने बीते आठ सितंबर को एमओयू पर हस्ताक्षर किए। प्रो. अमित पात्रा के नेतृत्व में आइआइटी के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिक व्हीकल सेंटर का दौरा किया और दोनों संस्थानों की शोध क्षमताओं को एक साथ लाने पर चर्चा की।
आइआइटी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख और सेंटर फार ट्रांसपोर्टेशनल ई-मोबिलिटी के समन्वयक प्रो. राजीव कुमार सिंह ने दोनों संस्थानों के सहयोग से स्वीकृत दो परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आइआइटी-बीएचयू में चल रही और प्रस्तावित अन्य परियोजनाओं में भी मिशिगन विश्वविद्यालय के साथ सहयोग की संभावनाएं सामने रखीं।
बैठक में दोनों परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य के शोध क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा हुई। एडवांस्ड मैटेरियल्स के क्षेत्र में संयुक्त शोध के लिए मैटेरियल्स रिसर्च टीम गठित करने पर भी सहमति बनी। यह टीम संभावित शोध क्षेत्रों की पहचान करेगी और दीर्घकालिक सहयोग के लिए एक व्हाइट पेपर तैयार करेगी। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े उन्नत मैटेरियल्स और तकनीकों पर दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों को साथ काम करने का अवसर मिलेगा।
