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वाराणसी में बेमौसम बारिश से धान की फसल पर संकट, आलू की बोआई भी प्रभावित

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 29 Oct 2026 07:08 PM (IST)

वाराणसी में बेमौसम बारिश और बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित हुआ है, जिससे खेतों में तैयार धान की फसल पर संकट ...और पढ़ें

वाराणसी में बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, धान और आलू की फसलें प्रभावित।

वाराणसी में बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, धान और आलू की फसलें प्रभावित।

HighLights

  1. बेमौसम बारिश से धान की तैयार फसल को नुकसान।

  2. आलू सहित रबी फसलों की बोआई में देरी की आशंका।

  3. बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। जिले में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से देर शाम तक रुक-रुककर हुई रिमझिम बारिश और बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित हुआ। खेतों में पककर तैयार धान की फसल पर संकट गहरा गया है। कहीं फसल कटाई के इंतजार में खड़ी है तो कहीं कटकर खेतों में पड़ी है।

बारिश और तेज हवा से फसल गिरने तथा खेतों में पानी भरने के कारण किसानों को नुकसान की आशंका सता रही है। वहीं, रबी की प्रमुख फसल आलू की बोआई की तैयारी भी प्रभावित हुई है। बारिश के साथ ठंड बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में दिनचर्या प्रभावित रही, जबकि कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई।

कटाई-मड़ाई पर मौसम की मार
पिंडरा, चिरईगांव और चोलापुर क्षेत्रों में धान की फसल लगभग पककर तैयार है। ऐसे में बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिंडरा में प्रगतिशील किसान पप्पू सिंह ने बताया कि धान की फसल तैयार है और इस समय बारिश तेज हुई तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। पहले हुई बारिश में भी कई जगह फसल खेतों में गिर गई थी।

चोलापुर के बंतरी, धरसौना, कटारी और पटनापर के किसानों कमलेश चौबे, जितेंद्र यादव, धर्मेंद्र सिंह और बुलट सिंह के अनुसार, कई खेतों में धान कटकर पड़ा है, जबकि अधिकांश खेतों में फसल खड़ी है। बारिश से खेतों में पानी भरने के कारण कटी फसल खराब होने की आशंका है। वहीं, गिरी हुई फसल की कटाई में भी परेशानी होगी। मौसम साफ होने के इंतजार में कटाई-मड़ाई का काम पिछड़ सकता है।

रबी की बोआई पर भी असर
चिरईगांव क्षेत्र में अर्नब चक्रवात के प्रभाव से मौसम बिगड़ने के कारण खेती-किसानी पर दोहरी मार पड़ने की आशंका है। धान की तैयार फसल के साथ उन खेतों में भी नुकसान की चिंता है, जहां बालियां निकल रही हैं और दाने बन रहे हैं। किसान धान की कटाई के बाद आलू की बोआई की तैयारी कर रहे थे। इसके अलावा चना, मटर, मसूर और सरसों की बुआई तथा लहसुन-प्याज की नर्सरी लगाने का काम भी प्रभावित हो सकता है। सब्जियों की फसलों पर भी बेमौसम बारिश का प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

छह घंटे गुल रही बिजली
मिर्जामुराद क्षेत्र में हल्की बारिश के चलते गुरुवार सुबह नौ बजे लालपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े मिर्जामुराद फीडर में ब्रेकडाउन हो गया। इससे करीब छह घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। गौर गांव स्थित जलनिगम का नलकूप भी बिजली नहीं मिलने से नहीं चल सका। बिजलीकर्मियों ने पेट्रोलिंग कर फाल्ट ठीक किया, जिसके बाद दोपहर तीन बजे आपूर्ति बहाल हुई। चोलापुर क्षेत्र में भी बारिश के कारण घंटों बिजली बाधित रहने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।