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चार घंटे पैदल चल दुल्हन पहुंची ससुराल, बोली- 'सड़क बनवा दो धामी जी'

Published: Thu, 22 Oct 2026 08:35 AM (IST)Updated: Thu, 22 Oct 2026 08:47 AM (IST)

जौनसार बावर की जोजोड़ा परंपरा में दुल्हन शर्मिला को सड़क न होने के कारण ससुराल पहुंचने के लिए चार घंटे ...और पढ़ें

दुल्हन शर्मिला ने मुख्यमंत्री धामी से लगाई मोटर मार्ग निर्माण की गुहार

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राहुल चौहान/कुलदीप चौहान, चकराता (देहरादून)। जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर अपनी अनूठी लोक परंपराओं, विशिष्ट संस्कृति, रीति-रिवाजों और पारंपरिक खानपान के लिए देश-दुनिया में अलग पहचान रखता है। यहां की सदियों पुरानी विवाह परंपराएं भी क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

इन्हीं में एक परंपरा है ''''जोजोड़ा'''', जिसमें दुल्हन बारात लेकर अपने मायके से ससुराल पहुंचती है। हालांकि, आधुनिक दौर में क्षेत्र में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ-साथ दूल्हे की बारात दुल्हन के घर पहुंचने वाली शादियां भी होने लगी हैं। लेकिन इन विवाह समारोहों के बीच आज भी क्षेत्र के कुछ गांवों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है।

ऐसा ही एक मामला चकराता तहसील के उदांवा गांव में सामने आया है। यहां बुल्हाड़ गांव निवासी शर्मिला का विवाह उदांवा गांव निवासी अनिल के साथ मंगलवार को संपन्न हुआ। विवाह के लिए नई नवेली दुल्हन शर्मिला को बारात लेकर अपनी ससुराल तक पहुंचने के लिए करीब चार घंटे का पैदल सफर तय करना पड़ा।

दुल्हन के साथ आए ग्रामीणों ने भी पैदल ही यह दूरी नापी। शादी की खुशियों के बीच दुल्हन और उसके परिजनों को सड़क सुविधा के अभाव में हुई इस परेशानी ने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की जरूरत को एक बार फिर उजागर कर दिया। जौनसार-बावर के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई गांव ऐसे हैं, जहां मोटर मार्ग की सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

विशेषकर शादी-विवाह, बीमार व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने और दैनिक जरूरतों के लिए ग्रामीणों को पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। उदावां गांव में विवाह के लिए दुल्हन शर्मिला का ढाई घंटे पैदल चलकर ससुराल पहुंचना भी इसी समस्या को दर्शाता है। आज जहां आधुनिक दौर में शादी-विवाह के लिए लोग वाहनों और अन्य सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं, वहीं उदांवा गांव पहुंचने के लिए दुल्हन और उसके साथ आए ग्रामीणों को पैदल सफर करना पड़ा।

दुल्हन शर्मिला ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उदावा गांव तक मोटर मार्ग का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क सुविधा उपलब्ध होने से गांव के लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी और शादी-विवाह सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए होने वाली परेशानियां कम होंगी। अब देखना यह है कि दुल्हन शर्मिला की यह मांग शासन-प्रशासन तक पहुंचकर कब धरातल पर उतरती है और उदावा गांव के ग्रामीणों को सड़क सुविधा का लाभ कब मिल पाता है।

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