उत्तराखंड की अनोखी शादी: मायके से बरात लेकर ससुराल पहुंची दुल्हन, पैदल तय किया 18 किमी का सफर
चकराता के दुर्गम उदावा गांव में सड़क सुविधा न होने के कारण एक दुल्हन को अपनी बरात के साथ 18 किलोमीटर पैदल चलकर ससुराल पहुंचना पड़ा।

पैदल सफर तय कर बरात लेकर उदावा गांव जाती दुल्हन शर्मिला।

समय कम है?
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संवाद सहयोगी जागरण, विकासनगर। चकराता ब्लाक के दुर्गम गांव उदावा में आजादी के दशकों बाद भी सड़क सुविधा नहीं पहुंच सकी है। इसका खामियाजा ग्रामीणों के साथ ही शादी-विवाह के मौके पर लोगों को उठाना पड़ रहा है।
बीते मंगलवार को बुल्हाड़ गांव से बरात लेकर उदावा गांव पहुंची दुल्हन शर्मिला को लोखंडी से करीब 18 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना करना। सड़क सुविधा नहीं होने के कारण दुल्हन करीब चार घंटे पैदल चलकर बरात लेकर उदावा गांव पहुंची।
जानकारी के अनुसार उदावा गांव के अनिल चौहान का विवाह बुल्हाड़ गांव की शर्मीला से तय हुआ था। मंगलवार को दुल्हन बरात के साथ वाहन से लोखंडी तक पहुंची। इसके बाद उदावा गांव तक सड़क नहीं होने के कारण उसे पैदल पहाड़ी रास्ते से सफर तय करना पड़ा।
रास्ते में दौड़ते हुए भी नजर आई दुल्हन
गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त निकलने की चिंता के चलते दुल्हन रास्ते में दौड़ते हुए भी नजर आई। ग्रामीणों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं दुल्हन वीडियो में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपील करती नजर आई है।
दुल्हन ने मुख्यमंत्री से अपील की कि वह लोखंडी से बरात लेकर पैदल उदावा गांव जा रही है। पैदल चलने के चलते काफी थकान हो चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त न निकल जाए जाएं, इसलिए दौड़ लगानी पड़ रही है।
दुल्हन ने बताया कि पैदल चलने वाला मार्ग भी पक्का नहीं है। दुल्हन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उदावा गांव तक सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य किसी ओर को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
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