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केदारताल हिमस्खलन: पोर्टर का खुलासा, ट्रेकरों ने गाइड पर बनाया था दबाव

Published: Sat, 07 Nov 2026 09:45 PM (GMT+05:30)

केदारताल हिमस्खलन हादसे में सुरक्षित बचे नेपाली पोर्टर दीपक सिंह ने खुलासा किया है कि ट्रेकरों ने गाइड सिद्धार्थ राणा पर कैंप छोड़कर आगे बढ़ने का दबाव बनाया था।

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जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। केदारताल हिमस्खलन हादसे से जुड़े घटनाक्रम में अब एक नया पहलू सामने आया है। हादसे में सुरक्षित बचे नेपाली मूल के पोर्टर दीपक सिंह के अनुसार, ट्रेकरों ने गाइड सिद्धार्थ राणा उर्फ सिद्धू पर कैंप छोड़कर आगे बढ़ने का दबाव बनाया था।

दीपक ने स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान एक वीडियो में हादसे से पहले और बाद के घटनाक्रम की जानकारी दी है। हादसे में अब तक स्थानीय गाइड सहित छह लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि एक ट्रेकर अब भी लापता है।

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में दीपक सिंह बताता है कि भारी बर्फबारी के दौरान वह, गाइड सिद्धार्थ और एक महिला ट्रेकर बर्फ में दब गए थे। इसके बाद पहले गाइड सिद्धार्थ को बाहर निकाला गया। एक महिला ट्रेकर नदी में थोड़ा बह गयी थी, जिसे निकाला।

फिर बंगाल मूल के ट्रेकर को बर्फ से बाहर निकाला गया। दीपक के मुताबिक, ट्रेकरों ने गाइड से कहा कि वे आगे पैदल चलने की स्थिति में नहीं हैं। फिर ट्रेकर व गाइड ने कुक व दो पाेर्टर सहित तीन लोगों को हेली रेस्क्यू की मदद मांगने के लिए आगे भेजा।

दीपक का कहना है कि इसके बाद ट्रेकरों ने गाइड सिद्धार्थ पर उसे(दीपक) भी आगे भेजने का दबाव बनाया। इसके बाद वह मुश्किल हालात में गिरते-पड़ते आगे बढ़ा। पहले दिन नेटवर्क नहीं मिलने के कारण संपर्क नहीं हो पाया। बाद में, कुक रोहन राणा के फोन से आपातकालीन सेवा 112, एजेंसी मालिक और मैनेजर को सूचना दी।

गाइड का मोबाइल फोन खोल सकता है कई राज

गढ़वाल हिमालय माउंटेनियरिंग एंड ट्रेकिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह राणा ने हादसे में सुरक्षित बचे पोर्टरों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब भी प्रतिकूल हालात होते हैं तो पोर्टरों भाग कर वापस आ जाते हैं।

पूर्व में लमखागा पास में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। जयेंद्र सिंह राणा के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले गाइड सिद्धार्थ राणा का मोबाइल फोन बरामद होने की सूचना है।

फोन में हादसे से पहले और अंतिम समय में दर्ज गतिविधियों या वीडियो से घटनाक्रम की अहम जानकारी मिल सकती है। ऐसे में मोबाइल फोन की जांच से हादसे से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

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