सनातन धर्म में बसंत पंचमी का विशेष महत्व होता है। इस दिन स्नान-दान और पूजा-पाठ करने शुभ होता है। आइए जानते हैं कि बसंत पंचमी पर किस अमृत मुहूर्त में स्नान करना शुभ होगा?
पंचांग के अनुसार, इस साल 02 फरवरी 2025 को बसंत पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन गंगा में स्नान करने से मनोकामना पूरी होने लगती है।
माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 02 फरवरी को सुबह 09 बजकर 14 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 03 फरवरी को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर होगा।
बसंत पंचमी पर रात 08 बजकर 24 मिनट से 09 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। वहीं, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।
बसंत पंचमी पर यह योग सुबह 07 बजकर 09 मिनट से अगले दिन मध्य रात्रि 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इस योग में स्नान करना शुभ होगा।
बसंत पंचमी पर गंगा में स्नान करते समय गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति, नर्मदे सिन्धु कावेरि जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु मंत्र का जाप करें। इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है।
इस दिन पूजा करते के बाद गरीब और जरूरतमंद लोगों को किताब, अन्न, धन और पढ़ाई से जुड़ी अन्य चीजें दान करनी चाहिए। इससे ज्ञान की प्राप्ति होती है।
बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा करते समय केसर और हल्दी युक्त पीले मीठे चावल का भोग लगाना चाहिए। इससे मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है।
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