हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व होता है। इस दौरान मा दूर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि मां कालरात्रि को भोग लगाते समय किन मंत्रों का जाप करना चाहिए?
नवरात्र में सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करना का विधान होता है। ऐसा करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं और साधक का माता रानी का आशीर्वाद मिलता है।
नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करते समय भोग लगाना चाहिए। इससे मां कालरात्रि बेहद प्रसन्न होती हैं।
मां कालरात्रि को गुड़ बेहद प्रिय है। नवरात्र के सातवें दिन गुड़ का भोग लगाने से मां कालरात्रि प्रसन्न होती हैं। इससे मां कालरात्रि का आशीर्वाद मिलता है।
नवरात्र में सातवें दिन पूजा करते समय मां कालरात्रि को गुड़हल या गुलाब का फूल अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही, पूजा करते समय लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है।
मां कालरात्रि की पूजा करते समय ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम: मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे साधक की मनोकामना पूरी होती है।
नवरात्र में सातवें दिन पूजा करते समय ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नम: मंत्र का जाप करें। इससे मां कालरात्रि प्रसन्न होकर साधक को आशीर्वाद देती हैं।
मां कालरात्रि की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं। इसके अलावा, साधक को धन से जुड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है।
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