हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व होता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं मां कुष्मांडा को किन चीजों का भोग लगाना चाहिए?
नवरात्र के चौथे दिन मां मां कुष्मांडा की पूजा करने का विधान होता है। ऐसा करने से जीवन मे आने वाले संकट दूर होने लगते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा करते समय भोग लगाना चाहिए। इससे साधक के जीवन में किसी भी चीज की कमी नहीं होती है।
मां कुष्मांडा को संसार की जननी माना जाता है। माता रानी को आटे या घी से बने मालपुआ का भोग लगाना चाहिए। इससे मां कुष्मांडा प्रसन्न होती हैं।
मां कुष्मांडा को भोग लगाते समय सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे मंत्र का जाप करना चाहिए।
नवरात्र में मां कुष्मांडा की पूजा करते समय कुमकुम, पीले वस्त्र, पीली चूड़ियां, पीली मिठाई, लाल रंग के फूल अर्पित करना चाहिए। इससे मां कुष्मांडा की कृपा प्राप्त होती है।
नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा करते समय या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: मंत्र का जाप करना चाहिए।
मां कुष्मांडा की विधि-विधान से पूजा करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इसके साथ ही, परिवार के सदस्य तरक्की करते हैं।
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