हिंदू धर्म शास्त्र में खाना खाने से जुड़े नियमों के बारे में बताया गया है, जिनका पालन करने से घर में अन्न की कमी कभी नहीं होती। आइए इन नियमों के बारे में विस्तार से जानें।
टूटे या गंदे बर्तन में भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से दुर्भाग्य में बढ़ोत्तरी होती है। साथ ही घर में परेशानी आती है।
बिस्तर पर बैठकर कभी भी भोजन नहीं ग्रहण करना चाहिए। वास्तु शास्त्र में ऐसा करना शुभ नहीं होता है। इससे व्यक्ति के मन में नकारात्मकता बढ़ती है।
खाना खाते समय मुंह पूर्व या उत्तर की दिशा में रखना चाहिए। दक्षिण दिशा में मुख करके भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए।
दक्षिण दिशा पितरों का होता है। इस दिशा में मुख करके भोजन करने से पेट संबंधी विकार होते हैं। इसके चलते दिशा का खास ख्याल रखें।
खाना खाते समय खाने की प्लेट को कभी जमीन पर न रखें। खुद भी सीधे जमीन पर बैठकर भोजन नहीं ग्रहण करना चाहिए।
खाना परोसते समय प्लेट को एक हाथ से पकड़कर नहीं रखना चाहिए। हमेशा दोनों हाथों से थाली को पकड़ें। इससे परिवार में प्रेम और स्नेह बढ़ता है।
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