पीरियड्स में वट सावित्री व्रत रखें या नहीं? जानें नियम


By Priyam Kumari13, May 2025 01:02 PMjagran.com

वट सावित्री व्रत की पूजा

वट सावित्री पूजा एक प्रतिष्ठित हिंदू पर्व है, जिसे विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए करती हैं। इस दिन महिलाएं 16 श्रृंगार करके वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं।

वट सावित्री व्रत की मान्यता

मान्यता है कि वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। यह व्रत पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है। बता दें कि यह व्रत सबसे पहले सावित्री ने किया था, जिन्होंने यमराज से अपने पति का जीवन वापस मांगा था।

पूजा से पहले पीरियड्स आने पर क्या करें?

सुहागिन महिलाएं इस पर्व को श्रद्धा भाव से मनाती हैं। हम महिलाओं के मन में डर रहता है कि अगर व्रत के से पहले या दौरान पीरियड्स आ जाएं, तो क्या करें?

मासिक धर्म में व्रत करें या नहीं?

ऐसे में महिलाओं के मन में कई सवाल होते हैं कि वह इस दौरान पूजा कर सकती हैं या नहीं? आइए आज हम आपको बताते हैं मासिक धर्म के दौरान वट सावित्री व्रत रखें या नहीं...

वट सावित्री व्रत के नियम

पीरियड्स के दौरान महिलाएं वट सावित्री व्रत कर सकती हैं, लेकिन इन दौरान पूजा करने के कुछ नियम भी होते हैं। आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में।

अच्छे से करें स्नान

अगर आप पीरियड्स के दौरान वट सावित्री व्रत रखना चाहती हैं, तो सुबह उठकर अच्छे से नहा लें और पूरा श्रृंगार करके तैयार हो जाएं।

पूजा सामग्री को न छुएं

इस दिन आप व्रत तो रख सकती हैं, लेकिन पूजा सामग्री को बिल्कुल भी न छुएं। वहीं, बाकी सारी विधियां जैसे रक्षा सूत्र बांधना, पति के पैर धोना, तिलक लगाना ये सब कर सकती हैं।

दूर बैठकर सुने कथा

मासिक धर्म के दौरान व्रत रख रही हैं, तो पूजा से थोड़ा दूर बैठकर कथा सुनें। साथ ही, मन में भगवान की आस्था और मंत्रों का जाप करें।

अगर आप भी पीरियड्स आने पर वट सावित्री व्रत रखने का सोच रही हैं, तो इन नियमों का पालन करें। ऐसी ही तमाम खबरों को पढ़ते रहने के लिए जुड़े रहें jagran.com के साथ। All Images Credit: Jagran