वट सावित्री पूजा एक प्रतिष्ठित हिंदू पर्व है, जिसे विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए करती हैं। इस दिन महिलाएं 16 श्रृंगार करके वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं।
मान्यता है कि वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। यह व्रत पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है। बता दें कि यह व्रत सबसे पहले सावित्री ने किया था, जिन्होंने यमराज से अपने पति का जीवन वापस मांगा था।
सुहागिन महिलाएं इस पर्व को श्रद्धा भाव से मनाती हैं। हम महिलाओं के मन में डर रहता है कि अगर व्रत के से पहले या दौरान पीरियड्स आ जाएं, तो क्या करें?
ऐसे में महिलाओं के मन में कई सवाल होते हैं कि वह इस दौरान पूजा कर सकती हैं या नहीं? आइए आज हम आपको बताते हैं मासिक धर्म के दौरान वट सावित्री व्रत रखें या नहीं...
पीरियड्स के दौरान महिलाएं वट सावित्री व्रत कर सकती हैं, लेकिन इन दौरान पूजा करने के कुछ नियम भी होते हैं। आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में।
अगर आप पीरियड्स के दौरान वट सावित्री व्रत रखना चाहती हैं, तो सुबह उठकर अच्छे से नहा लें और पूरा श्रृंगार करके तैयार हो जाएं।
इस दिन आप व्रत तो रख सकती हैं, लेकिन पूजा सामग्री को बिल्कुल भी न छुएं। वहीं, बाकी सारी विधियां जैसे रक्षा सूत्र बांधना, पति के पैर धोना, तिलक लगाना ये सब कर सकती हैं।
मासिक धर्म के दौरान व्रत रख रही हैं, तो पूजा से थोड़ा दूर बैठकर कथा सुनें। साथ ही, मन में भगवान की आस्था और मंत्रों का जाप करें।
अगर आप भी पीरियड्स आने पर वट सावित्री व्रत रखने का सोच रही हैं, तो इन नियमों का पालन करें। ऐसी ही तमाम खबरों को पढ़ते रहने के लिए जुड़े रहें jagran.com के साथ। All Images Credit: Jagran