हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व होता है। इस दौरान मा दूर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि नवरात्र में कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त क्या है?
नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा करने से साधक के जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं। इसके साथ ही, पहले से रुके हुए कार्य होने लगते हैं।
बिना कन्या पूजन के नवरात्र की पूजा अधूरी रहती है। नवरात्रि के आठवें या नौवें दिन कन्या पूजन करने का विधान होता है। इस दौरान कन्याओं को भोजन कराया जाता है।
अष्टमी तिथि 10 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 06 मिनट पर होगा। 11 अक्टूबर को कन्या पूजा करना शुभ होगा।
पंचांग के अनुसार, 11 अक्टूबर को सुबह 07 बजकर 44 मिनट से 09 बजकर 13 मिनट तक कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दौरान कन्या पूजन करने से पूजा फल मिलेगा।
नवरात्र में कन्या के पैर धोकर हाथ में कलावा, पवित्र धागा, माथे पर लाल कुमकुम लगाएं। इसके साथ ही, पूड़ी, काले चने, नारियल और हलवे को भोग के रूप में खिलाएं।
कन्याओं को भोजन कराने के बाद पैर छूकर आशीर्वाद लें। इस दौरान अपनी क्षमता के अनुसार दक्षिणा और फल दें। ऐसा करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं।
कन्याओं के भोजन में तामसिक चीजें जैसे-लहसुन और प्याज का उपयोग नहीं करना चाहिए। इन चीजों का इस्तेमाल करना पूरी तरह से वर्जित होता है।
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