हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार, सुंदरकांड का विशेष महत्व माना जाता है। रोजाना सुंदरकांड का पाठ करने से साधक के जीवन में धीरे-धीरे कई तरह के चमत्कार बदलाव होने लगते हैं।
आज हम आपको सुंदरकांड का पाठ करने का तरीका बताएंगे, जिससे आपके घर में समृद्धि आ सकती है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें, ताकि आपको सही जानकारी हो सकें।
सुंदरकांड का पाठ आपको मंगलवार और शनिवार के दिन करना चाहिए। वहीं, इसके लिए ब्रह्म मुहूर्त का टाइम सबसे बेस्ट माना जाता है। सुंदरकांड का पाठ 11, 21, 31, 41 दिन तक करना चाहिए।
सुंदरकांड का पाठ करने के लिए सबसे पहले स्नान आदि से निवृत होकर हनुमान जी की प्रतिमा अपने सामने रखें। इसके बाद हल्के रंग के आसन पर बैठ जाएं।
इसके बाद बजरंगबली के सामने घी के दीपक का दिया जलाएं। इसके बाद सुंदरकांड का पाठ आरंभ करें। सुंदरकांड का पाठ करने के लिए ये चीजें फॉलो करना चाहिए।
आपको इसका बात का खासतौर से ख्याल रखना चाहिए कि कभी भी रात में सुंदरकांड का पाठ नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे आपको पाठ का पूरा लाभ नहीं मिलता।
अगर आपके घर में अक्सर लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं, तो ऐसे में घर में प्रेम के लिए आपको रोजाना घर में सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। कुछ ही दिनों में आपको इसका असर देखने को मिलेगा।
घर की नकारात्मक ऊर्जा का खात्मा करने और सकारात्मक ऊर्जा का वास करने के लिए आपको रोजाना ब्रह्म मुहूर्त में सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। जल्द आपका काम हो जाएगा।
इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। अध्यात्म से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com