सनातन धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व होता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि नवरात्र में मां सरस्वती का आवाहन के लिए शुभ मुहूर्त क्या है?
नवरात्र में मां सरस्वती की पूजा करना शुभ होता है। ऐसा करने से साधक को ज्ञान की प्राप्ति होती है और जीवन में आने वाले संकट दूर होने लगते हैं।
पंचांग के अनुसार, नवरात्र में 09 अक्टूबर को मां सरस्वती का आवाहन कर सकते हैं। इस दौरान पूजा करने से सरस्वती जी प्रसन्न होती हैं।
पंचांग के अनुसार, मूल नक्षत्र का प्रारम्भ 09 अक्टूबर को प्रातः 04 बजकर 08 मिनट से होगा। वहीं, इसका समापन 10 अक्टूबर प्रातः 05 बजकर 15 पर होगा।
पंचांग के अनुसार, 09 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 25 मिनट से संध्या 04 बजकर 42 मिनट तक मूल नक्षत्र में आवाहन कर सकते हैं।
मां सरस्वती को ज्ञान, विद्या, वाणी की देवी और वेदों की जननी माना जाता है। मां सरस्वती का आवाहन करने से साधक को ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति होती है।
सरस्वती आवाहन के दिन सुबह स्नान करके घर में गंगाजल का छिड़काव कर लें। इसके बाद पूजा स्थल पर सरस्वती माता की पूजा करते समय अगरबत्ती और गुगुल जलाकर फूल-फल अर्पित करें।
मां सरस्वती का आवाहन करते समय ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे मां सरस्वती की कृपा बनी रहती है।
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