प्रदोष व्रत पर यह पाठ करने से आ जाएंगे अच्छे दिन


By Farhan Khan09, May 2025 02:57 PMjagran.com

प्रदोष व्रत रखता है महत्व

प्रदोष व्रत हर महीने दो बार कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। हिंदू धार्मिक दृष्टि से यह व्रत काफी मायने रखता है। इससे आपके जीवन में खुशहाली आ सकती है।

प्रदोष व्रत पर करें यह पाठ

आज हम आपको एक ऐसे पाठ के बारे में बताएंगे, जिसे प्रदोष व्रत पर करने से आपके अच्छे दिन आ सकते हैं। आइए इस पाठ के बारे में विस्तार से जानें।

श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् का पाठ करें

आपको प्रदोष व्रत पर श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिए। इससे आपकी तरक्की हो सकती है और आपके बिगड़े काम भी बन सकते हैं।

श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् का पाठ

शिवहरे शिवराम सखे प्रभो,त्रिविधताप-निवारण हे विभो। अज जनेश्वर यादव पाहि मां,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥1॥

श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् का पाठ करने के लाभ

कमल लोचन राम दयानिधे,हर गुरो गजरक्षक गोपते। शिवतनो भव शङ्कर पाहिमां,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥2॥

श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् का पाठ क्यों करें?

स्वजनरञ्जन मङ्गलमन्दिर,भजति तं पुरुषं परं पदम्। भवति तस्य सुखं परमाद्भुतं,शिवहरे विजयं कुरू मे वरम्॥3॥

श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् का पाठ किस दिन करें?

जय युधिष्ठिर-वल्लभ भूपते,जय जयार्जित-पुण्यपयोनिधे। जय कृपामय कृष्ण नमोऽस्तुते,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥4॥

श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् का पाठ करने का समय

भवविमोचन माधव मापते,सुकवि-मानस हंस शिवारते। जनक जारत माधव रक्षमां,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥5॥

प्रदोष व्रत पर आपको श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिए। अध्यात्म से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com