सनातन धर्म में मार्गशीर्ष अमावस्या का विशेष महत्व होता है। इस दौरान पूजा-पाठ और स्नान-दान करना शुभ होता है। आइए जानते हैं कि मार्गशीर्ष अमावस्या कब है?
पंचांग के अनुसार, इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या 01 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस दिन स्नान करने से जीवन में किसी भी चीज की कमी नहीं होती है।
पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष अमावस्या की शुरुआत 30 नवंबर को सुबह 10 बजकर 29 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 1 दिसंबर सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर होगा।
मार्गशीर्ष अमावस्या पर गंगा नदीं में स्नान करना शुभ माना जाता है। इस दौरान सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है।
मार्गशीर्ष अमावस्या पर गाय, कौवे, कुत्ते और चींटियों को खाना खिलाना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में किसी भी चीज की कमी नहीं होती है।
मार्गशीर्ष अमावस्या पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न और धन का दान करना चाहिए। इससे व्यक्ति के रुके हुए कार्य होने लगते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
मार्गशीर्ष अमावस्या पर पूजा करते समय ऊँ श्री कृष्णाय नम: या ऊँ श्री दामोदराय नम: मंत्र का जप करें। इससे साधक की मनोकामना पूरी होने लगेगी।
मार्गशीर्ष अमावस्या पर पितरों का तर्पण करना शुभ होता है। इससे पितृ दोष दूर होने लगता है और जीवन में आने वाली बाधा दूर होने लगती है।
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