11 दिसंबर को एकादशी तिथि का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त व्रत रखने के साथ-साथ सत्यनारायण कथा कराते हैं।
हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार एकादशी तिथि पर व्रत रखने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। इसके चलते लोगों को मोक्ष की भी प्राप्ति होती है।
आज हम आपको एकादशी तिथि से जुड़े उपवास की पवित्र कथा के बारे में बताएंगे क्योंकि इस पाठ के बिना व्रत अधूरा माना जाता है।
प्राचीन काल में वैखानस नाम के राजा गोकुल पर राज्य किया करते थे। एक रात में उन्हें सपने में मृत्यु हो चुके पिता बेहद दुखी नजर आए।
इसके चलते राजा ने राजपुरोहित से पिता की मुक्ति का मार्ग पूछा। राजपुरोहित ने उन्हें कहा कि तुम एकादशी व्रत और पूजन नियम का पालन भक्ति भाव से करो।
इससे राजा के पिता को मुक्ति मिल गई और मोक्ष प्राप्त हो गया। इसके साथ ही राजा को श्री हरि के साथ अपने पिता का भी आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
इसी के साथ तब से एकादशी तिथि का पर्व मनाते हुए व्रत रखने की परंपरा चली आ रही है। ऐसे में व्रत रखते समय इस कथा का पाठ जरूर करना चाहिए।
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