सनातन धर्म में विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। इस दिन गणेश जी की पूजा करना शुभ होता है। आइए जानते हैं कि विनायक चतुर्थी पर चांद देखने से क्या होता है?
पंचांग के अनुसार, इस साल 01 फरवरी को विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी। इस दिन विधि-विधान से गणपति जी की पूजा करने से संकट दूर होते हैं।
पंचांग के अनुसार, विनायक चतुर्थी की शुरुआत 01 फरवरी को सुबह 11 बजकर 38 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 02 फरवरी को सुबह 09 बजकर 14 मिनट पर होगा।
मान्यताओं के अनुसार, विनायक चतुर्थी पर चांद को देखना वर्जित होता है। इस दिन चांद देखने से आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार गणेश जी पृथ्वी की परिक्रमा करने से निकले थे, तभी चंद्र देव को गणपति के गजानन मुख का मजाक उड़ाया था।
अगर आप विनायक चतुर्थी पर चांद देखते हैं, तो आपको झूठे आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, आपकी बदनामी हो सकती है।
विनायक चतुर्थी पर पूजा करते समय गणेश जी दूर्वा अर्पित करें। इससे गणपति जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं।
विनायक चतुर्थी पर पूजा करते समय ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा का जाप करना चाहिए। इससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
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